बेगूसराय, 21 अक्टूबर 2026 : बिहार के बेगूसराय में दुर्गा पूजा जागरण कार्यक्रम के दौरान एक दारोगा पर महिला डांसर को थप्पड़ मारने और विरोध कर रहे लोगों की ओर सर्विस पिस्टल तानने का आरोप लगा है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी चौक स्थित वैष्णवी दुर्गा स्थान के पास की बताई जा रही है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। बेगूसराय के एसपी मनीष ने मामले की जांच सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपी है।
सुबह करीब 3 बजे जागरण कार्यक्रम में हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार तड़के करीब तीन बजे जागरण कार्यक्रम चल रहा था। नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। आरोप है कि कार्यक्रम देर रात तक चलने पर ड्यूटी में तैनात एक दारोगा ने आयोजकों से इसे बंद करने को कहा। इसके बाद दारोगा मंच पर पहुंच गए, जहां आयोजक के साथ कहासुनी और धक्कामुक्की होने की बात सामने आई है। इसी दौरान दारोगा पर मंच पर मौजूद महिला डांसर को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। घटना के बाद वहां मौजूद लोग नाराज हो गए और पुलिस पदाधिकारी के व्यवहार का विरोध करने लगे।
विरोध के दौरान पिस्टल तानने का आरोप
महिला डांसर को कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने के बाद कार्यक्रम स्थल पर तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने दारोगा से इस कार्रवाई का कारण पूछा। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और लोगों के बीच कहासुनी होने लगी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दारोगा ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर भीड़ की ओर तान दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और भीड़ के सामने हथियार निकालने की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
महिला डांसर ने की सार्वजनिक माफी की मांग
घटना के बाद महिला डांसर ने आरोप लगाया कि दारोगा ने उसे गाना बंद करने के लिए कहा था। उसके मुताबिक, निर्देश मिलने के बाद गाना बंद कर दिया गया था और वह मंच से जाने लगी थी। इसी दौरान उसे थप्पड़ मारा गया। महिला ने सवाल उठाया कि जब उसने गाना बंद कर दिया था, तो उसके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उसने आयोजक के साथ भी धक्कामुक्की और बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया। महिला डांसर ने मांग की कि यदि कार्यक्रम बंद कराना जरूरी था, तो पुलिस को उचित तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी। उसने संबंधित दारोगा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की है।
दारोगा ने कार्यक्रम के समय को लेकर जताई आपत्ति
विवाद के दौरान संबंधित दारोगा ने कार्यक्रम देर रात तक चलने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सुबह के तीन बज चुके थे और पुलिसकर्मी पूरी रात सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे। वहीं लोगों का कहना था कि जागरण कार्यक्रम आयोजकों की ओर से संचालित किया जा रहा था। इस कार्यक्रम बंद कराने के तरीके को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। घटना के बाद अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कार्यक्रम बंद कराने के दौरान क्या परिस्थितियां बनीं और विवाद किस वजह से बढ़ा।
एसपी मनीष ने जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ को सौंपी
वीडियो वायरल होने के बाद बेगूसराय के एसपी मनीष ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने जांच की जिम्मेदारी सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपी है। एसपी के अनुसार वायरल वीडियो में देर रात मंच पर नृत्य कार्यक्रम और वहां अव्यवस्था की स्थिति सामने आई है। पुलिस पदाधिकारी कार्यक्रम स्थल पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान डांसर को हटाने और आयोजकों के साथ धक्कामुक्की की बात सामने आई है। पुलिस अब वायरल वीडियो और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच में कथित मारपीट, सर्विस पिस्टल निकालने और पुलिस पदाधिकारी की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
एसपी मनीष ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जागरण कार्यक्रम के दौरान विवाद कैसे शुरू हुआ और संबंधित दारोगा की भूमिका क्या थी। जागरण के मंच पर महिला डांसर को कथित थप्पड़ मारने और विरोध के दौरान पिस्टल तानने के आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।




