पटना, 26 अक्टूबर 2026 : मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नीतीश कुमार के करीबी और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ संजय गांधी ने पार्टी का पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जेडीयू में नीतीश कुमार ही सर्वमान्य नेता हैं और पार्टी के महत्वपूर्ण फैसले उनके निर्देश पर लिए जाते हैं। संजय गांधी ने अनंत सिंह के निष्कासन को अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए कहा कि किसी नेता के पार्टी छोड़ने से संगठन पर कोई खास असर नहीं पड़ता। उनके इस बयान को अनंत सिंह की बगावत और जेडीयू के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच अहम माना जा रहा है।

नीतीश कुमार के निर्देश पर हुई कार्रवाई : संजय गांधी

अनंत सिंह और नीलम देवी के निष्कासन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि क्या इस फैसले की जानकारी नीतीश कुमार को थी। इस पर संजय गांधी ने कहा कि जेडीयू में नीतीश कुमार ही सर्वमान्य नेता हैं और पार्टी के सभी लोग उनके फैसलों का सम्मान करते हैं। उन्होंने उन अटकलों को खारिज किया जिनमें पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर नीतीश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे थे। संजय गांधी के मुताबिक, जेडीयू का संगठन नीतीश कुमार के निर्देशों के अनुसार काम करता है।

अनंत सिंह पर क्यों हुई कार्रवाई ?

जेडीयू ने अनंत सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित किया है। पार्टी की कार्रवाई को हालिया विधान परिषद चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।इस चुनाव में अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ नजर आए थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया था। इस दौरान अनंत सिंह के बयानों और राजनीतिक रुख को लेकर पार्टी के भीतर नाराजगी की चर्चा सामने आई। संजय गांधी ने कहा कि अनंत सिंह का आचरण पार्टी अनुशासन की सीमाओं से बाहर चला गया था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अनंत सिंह को किसी मुद्दे पर शिकायत थी, तो उन्हें मीडिया में बयान देने के बजाय पार्टी के मंच पर अपनी बात रखनी चाहिए थी।

मीडिया में बयानबाजी को लेकर भी उठाए सवाल

संजय गांधी के मुताबिक, अनंत सिंह के नीरज कुमार के खिलाफ रुख की जानकारी पार्टी को मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने के लिए निर्धारित मंच मौजूद हैं और नेताओं को उनका इस्तेमाल करना चाहिए। जेडीयू नेता ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी ने अनंत सिंह के बयानों और गतिविधियों पर विचार-विमर्श करने के बाद कार्रवाई की। पार्टी की ओर से इसे संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया गया है।

नई पार्टी बनाएंगे अनंत सिंह? संजय गांधी ने कही यह बात

जेडीयू से निष्कासन के बाद विधायक अनंत सिंह ने अपनी नई पार्टी बनाने का संकेत भी दे दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय गांधी ने कहा कि हर व्यक्ति स्वतंत्र है और वह अपनी राजनीतिक राह चुन सकता है। उन्होंने दावा किया कि किसी नेता के पार्टी छोड़ने से जेडीयू को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। संजय गांधी ने कहा कि अतीत में भी कई नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, मगर इससे संगठन की मजबूती पर असर नहीं पड़ा है। उन्होंने नीतीश कुमार को पार्टी का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि संगठन उनके नेतृत्व में कायम है। मगर तब जदयू में नीतीश कुमार सक्रिय थे, पर आज स्थिति दूसरी है।

अनंत सिंह के निष्कासन से बिहार की राजनीति में क्या बदलेगा ?

अनंत सिंह के निष्कासन और उनके नई पार्टी बनाने के संकेतों ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है। एक ओर अनंत सिंह जेडीयू नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के वरिष्ठ नेता संगठन की एकजुटता और नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जोर दे रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि अनंत सिंह अपनी अगली राजनीतिक रणनीति क्या तय करते हैं और उनकी संभावित नई पार्टी को कितना समर्थन मिलता है। फिलहाल जेडीयू ने अपने फैसले का बचाव किया है और संगठन पर इसके असर को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया है।