पटना, 26 अक्टूबर 2026 : बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब नीलम देवी से राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस लिए जाने की खबर सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नीलम देवी 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्य थीं और इसी पद के कारण उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त था।
नीलम देवी को 20 सूत्री समिति से हटाया गया
रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने नीलम देवी का नाम 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से हटा दिया है। इस समिति में सदस्य के तौर पर उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ था। ऐसे में इस फैसले को अनंत सिंह और उनके परिवार के लिए एक और राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले JDU ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के मामले में अनंत सिंह और नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके अलावा अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर भी पार्टी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजे जाने की खबर सामने आई थी। मगर सदस्यता पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
क्या अनंत सिंह को खाली करना पड़ सकता है सरकारी बंगला ?
नीलम देवी से राज्यमंत्री का दर्जा वापस लिए जाने के बाद अब उनके नाम पर आवंटित सरकारी बंगले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्डिंग रोड स्थित बंगला नीलम देवी के नाम पर आवंटित था। वहीं, मोकामा विधायक के तौर पर अनंत सिंह को वीरचंद पटेल पथ पर विधायक फ्लैट नंबर 11/08 आवंटित किए जाने का भी उल्लेख है। इसके बावजूद उनके पुराने आवास में रहने की बात कही गई है। अब चर्चा है कि नीलम देवी के पद से हटने के बाद बंगले के आवंटन की समीक्षा हो सकती है। हालांकि, बंगला खाली कराने या आवंटन रद्द करने के किसी आधिकारिक आदेश की पुष्टि के बिना इसे तय फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
बाहुबली विधायक अनंत सिंह के निष्कासन, नीलम देवी से राज्यमंत्री का दर्जा वापस लिए जाने और संभावित नए राजनीतिक विकल्पों को लेकर बिहार की सियासत में चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। इस बीच अनंत सिंह पहले अपनी अलग पार्टी बनाने का संकेत भी दे चुके हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि विधायक अनंत सिंह आगे क्या राजनीतिक कदम उठाते हैं और सरकारी आवास को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने आता है या नहीं।




