आरा, 19 अक्टूबर 2026 : बिहार के भोजपुर जिले के आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। भोजपुर पुलिस ने इस मामले के अभियुक्त चंदन कुमार सिंह को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अवधेश दीक्षित ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस हत्याकांड के बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। मृतक के परिजनों ने करीब 13 कट्ठा जमीन के विवाद और पहले से मिल रही धमकियों को हत्या की वजह होने का आरोप लगाया था। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह और अन्य आरोपियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

सुबह की सैर पर निकले थे राम कुमार सिंह, तभी हुई हत्या

15 अक्टूबर 2026 की सुबह आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने बेटे के साथ सुबह की सैर पर निकल रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में राम कुमार सिंह के शरीर पर आठ गोलियां लगने की बात कही गई थी।

13 कट्ठा जमीन का विवाद, परिजनों ने लगाए थे गंभीर आरोप

राम कुमार सिंह की हत्या के बाद उनके परिजनों ने जमीन विवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। मृतक के बेटे राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, आरा के नगर थाना क्षेत्र में सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उनके नाम पर करीब 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी। परिजनों का आरोप था कि इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी और इसी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक की पत्नी सुशीला देवी ने भी जमीन को लेकर विवाद होने और चहारदीवारी तोड़े जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन पर कब्जे की कोशिश और परिवार को धमकियां मिलने की बात कही थी। हालांकि, जमीन विवाद, कथित फर्जी दस्तावेजों और धमकियों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इन पहलुओं की जांच के बाद ही हत्याकांड की वजह स्पष्ट हो सकेगी।

CCTV फुटेज से संदिग्धों की तलाश में जुटी थी पुलिस

हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाइक पर सवार तीन संदिग्ध अलग-अलग कैमरों में दिखाई दिए थे। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच के लिए तकनीकी टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की मदद भी ली गई थी। अब चंदन कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर वारदात के कारणों, कथित जमीन विवाद और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर सकती है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ हो रही है। अब देखना है कि क्या तथ्य सामने निकल कर आ रहे हैं।

हत्या के बाद आरा में प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

राम कुमार सिंह की हत्या के बाद आरा में स्थानीय लोगों और क्षत्रिय संगठन के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क जाम किया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी। इस मामले में बिहार सरकार के एक मंत्री और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने भी मृतक के आवास पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

हत्याकांड में 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी की जानकारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हत्याकांड में 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले से जुड़े घटनाक्रम के दौरान यूट्यूब पत्रकार मनोज कुमार सिंह उर्फ लक्की की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई थी। चंदन कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में अन्य आरोपियों की कथित भूमिका, जमीन विवाद और हत्या से पहले मिली धमकियों जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, किसी भी आरोपी की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की हत्या के मामले में चंदन सिंह की गिरफ्तारी को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। अब पुलिस की जांच और आधिकारिक बयानों से ही हत्या की वजह तथा अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर तस्वीर साफ होगी।