अयोध्या | 16 जुलाई 2026
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे की टिप्पणी के बाद अब अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य के विवादित बयान ने नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। परमहंस आचार्य ने आमिर खान पर 'लव जिहाद' को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद उनका बयान तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
समाचार एजेंसी से बातचीत में दिया विवादित बयान
समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दावा किया कि आमिर खान ने अपनी तीनों शादियां हिंदू महिलाओं से की हैं और इसे उन्होंने 'लव जिहाद' से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आगे ऐसा बयान दिया जिसमें हिंसा का खुला समर्थन और इनाम की घोषणा जैसी बातें कही गईं। उनके इस बयान की सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा हो रही है।
नितेश राणे के बयान के बाद बढ़ी बहस
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आमिर खान की तीसरी शादी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर' बताया था। इसके बाद परमहंस आचार्य ने भी सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया और विवाद को और हवा मिल गई। हालांकि आमिर खान या उनकी टीम की ओर से इन बयानों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आमिर खान की तीसरी शादी फिर बनी चर्चा का विषय
आमिर खान ने हाल ही में 5 जुलाई 2026 को गौरी स्प्रैट के साथ रजिस्टर्ड मैरिज की है। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता और किरण राव से विवाह किया था। दोनों से अलग होने के बावजूद आमिर अपने परिवार और बच्चों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए हुए हैं। उनकी तीसरी शादी के बाद से लगातार विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हिंसा भड़काने वाले बयानों पर कानून सख्त
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाने वाले बयान कानून के दायरे में आते हैं और ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई कर सकती हैं। फिलहाल इस मामले में किसी नई कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विवादित बयान के बाद पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।




