नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026

वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं, जहां उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने और गीतकार जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बातचीत शुरू करने की अपील की थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।

'2 दिन इंतजार किया, फिर पांचवें दिन यहां आ गए'

शबाना आजमी ने कहा कि वह हर मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन जब कोई मामला उन्हें भीतर तक झकझोर देता है, तब वह अपनी बात रखने के लिए सामने आती हैं। उन्होंने बताया कि जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केवल संवाद शुरू करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि दो दिन के भीतर जवाब मिलेगा, लेकिन जब चार दिन तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो पांचवें दिन वे खुद जंतर-मंतर पहुंच गईं।

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके से की मुलाकात

प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके से भी मुलाकात की, जो फिलहाल भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुने जाने की जरूरत बताई और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे अहम माध्यम होना चाहिए।

कई कलाकारों ने भी जताया समर्थन

इस प्रदर्शन को लेकर कई फिल्मी हस्तियां भी खुलकर सामने आई हैं। शबाना आजमी के अलावा अभिनेता प्रकाश राज और मॉडल पूनम पांडे भी जंतर-मंतर पहुंचे। वहीं सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, सोनाक्षी सिन्हा, ओमी वैद्य, इमरान खान, नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह सहित कई कलाकार सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं।

6 जून से जारी है प्रदर्शन

CJP का प्रदर्शन 6 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी है। संगठन प्रवेश परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस आंदोलन को तब और चर्चा मिली, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शनकारी अब भी सरकार से औपचारिक बातचीत और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर कायम हैं।