मुंबई | 17 जुलाई 2026
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी भूख हड़ताल को अब बॉलीवुड से लगातार समर्थन मिल रहा है। अभिनेता आमिर खान, सोनाक्षी सिन्हा और फातिमा सना शेख के बाद अब फिल्ममेकर किरण राव भी खुलकर उनके समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद शुरू करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
'19 दिन बाद भी सन्नाटा क्यों?'
किरण राव ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि वह सोनम वांगचुक, अभिजीत दिपके, सीजेपी और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले सभी नागरिकों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश को उसकी चुप्पी और उदासीनता से बाहर आने का संदेश दिया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा कि "19 दिन बीत जाने के बाद भी इस भूख हड़ताल को लगभग पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। आखिर सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज कब सुनेंगे?"
सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग
किरण राव ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि वह लोगों की समस्याओं को सुने। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों से जल्द बातचीत शुरू की जाए, छात्रों की चिंताओं को समझा जाए और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकाला जाए। उनके अनुसार, लंबे समय तक चुप्पी बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।
आमिर खान ने भी जताई थी चिंता
इससे पहले अभिनेता आमिर खान ने भी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि फिल्म '3 इडियट्स' का लोकप्रिय किरदार फुनसुख वांगडू सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था और इसे लेकर लोगों के बीच गलतफहमी है। हालांकि उन्होंने वांगचुक के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा था कि उनके योगदान का सम्मान किसी फिल्मी किरदार से जोड़कर नहीं, बल्कि उनके वास्तविक कार्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। आमिर ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए उम्मीद व्यक्त की थी कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकले और सोनम वांगचुक सुरक्षित तरीके से अपना अनशन समाप्त करें।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
किरण राव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल चर्चा का विषय बन गई है। कई यूजर्स उनके समर्थन में अपनी राय रख रहे हैं, जबकि कई लोग सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जल्द संवाद की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और बातचीत की प्रक्रिया कब शुरू होती है।




