पटना | 20 जुलाई 2026

बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामेदार माहौल में हुई। सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत विपक्षी दलों ने NEET, NTA, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बना रहा। लगातार हंगामे के बीच पहले दिन की कार्यवाही पूरी होने के बाद सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

विधानसभा परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजद और अन्य विपक्षी दलों के विधायक व विधान पार्षद हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विधानसभा परिसर में पहुंचे। उन्होंने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, NTA की कार्यप्रणाली, पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने "NTA भंग करो", "पेपर लीक बंद करो" और "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारे लगाए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। विपक्षी नेताओं का आरोप था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा विवादों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने और NTA के स्थान पर नई व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई।

सरकार ने गिनाईं 100 दिनों की उपलब्धियां

दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सरकार के सभी मंत्री समय पर विधानसभा पहुंचे। सरकार ने अपने 100 दिनों के कार्यकाल की उपलब्धियों, विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याण से जुड़े फैसलों को सदन के पटल पर रखने की तैयारी की। साथ ही अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक भी इस सत्र में पेश किए जाने हैं।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

मानसून सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। सभी प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने पूरे सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था भी की है।

आज फिर हंगामे के आसार

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी विपक्ष रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। वहीं सरकार विभिन्न विधेयकों और विकास कार्यों को सदन में प्रमुखता से रखने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी राजनीतिक बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है।