नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
नीट (NEET) पेपर लीक और CJP आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने मंगलवार को कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरुआत में ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटा देते, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस CJP आंदोलन की उन मांगों का समर्थन करती है, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं और कांग्रेस युवाओं की चिंताओं के साथ खड़ी है।
पुलिस कार्रवाई और नेटवर्क बंद करने पर सवाल
गोगोई ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि संसद परिसर में बिना पूर्व सूचना मोबाइल नेटवर्क बाधित कर दिया गया था। उनके अनुसार सांसदों को प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार ने उसे स्वीकार नहीं किया।
'युवाओं का मुद्दा राजनीति से बड़ा'
कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा सुधार केवल किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब भाजपा कई राज्यों में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदल सकती है, तो शिक्षा मंत्री को हटाने से परहेज क्यों किया जा रहा है। गोगोई ने कहा कि विपक्ष संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा।




