नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल और प्रियंका सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया। देर शाम दोनों नेताओं को रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद राहुल गांधी ने रखीं 5 मांगें

रिहाई के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पांच प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जांच, दर्ज मामलों की वापसी, प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी, संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा और देश की परीक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।

सरकार से पूछे कई सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि देश में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शिक्षा व्यवस्था में लगातार खामियां क्यों सामने आ रही हैं और छात्रों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर क्यों उतरना पड़ रहा है। उनके अनुसार सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना चाहिए।

सरकार का पलटवार

केंद्र सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विपक्ष छात्रों की चिंता से ज्यादा राजनीतिक हंगामा करने में जुटा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

मामले पर बढ़ी राजनीतिक गर्मी

NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि केंद्र सरकार इसे राजनीतिकरण करार देते हुए संसद में चर्चा की बात कह रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में प्रमुख विषय बना रह सकता है।