पटना | 17 जुलाई 2026

बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। आयुष ने 710 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। पिछले दो वर्षों से वह एलन करियर इंस्टीट्यूट के नियमित क्लासरूम छात्र रहे और अनुशासित तैयारी के दम पर यह मुकाम हासिल किया।

बचपन से था डॉक्टर बनने का सपना

आयुष बताते हैं कि उनका सपना बचपन से डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने लगातार मेहनत की और कभी अपने उद्देश्य से ध्यान नहीं भटकने दिया। उनका कहना है कि सही दिशा में की गई नियमित पढ़ाई, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास ने उनकी सफलता की मजबूत नींव रखी।

रिवीजन और मॉक टेस्ट बने सबसे बड़े हथियार

प्रभात खबर से बातचीत में आयुष ने कहा कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र डेली रिवीजन, नियमित मॉक टेस्ट और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण रहा। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि कहां गलती हो रही है और उसे समय रहते सुधार लिया जाए। यही आदत परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन का सबसे बड़ा कारण बनी।

रोज 7-8 घंटे की सेल्फ स्टडी

क्लासरूम पढ़ाई के अलावा आयुष रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। पढ़ाई के बीच मानसिक तनाव कम करने के लिए वे शतरंज खेलते थे। उनका मानना है कि थोड़े समय का मनोरंजन दिमाग को तरोताजा करता है और पढ़ाई में दोबारा पूरी एकाग्रता से लौटने में मदद करता है।

परिवार और भाई का मिला पूरा साथ

आयुष अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बड़े भाई अर्पित भालोटिया को देते हैं। उनके भाई आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी कर अमेरिका में पीएचडी कर रहे हैं। तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार मार्गदर्शन दिया। वहीं पिता सुनील कुमार भालोटिया और मां किरण देवी ने हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराया।

NEET अभ्यर्थियों को दी खास सलाह

आयुष ने भविष्य के NEET अभ्यर्थियों को सलाह दी कि सबसे पहले NCERT की गहरी समझ विकसित करें, नियमित रिवीजन करें और मॉक टेस्ट को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत ही किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता दिलाने की असली कुंजी है। 10वीं में 96.2% और 12वीं में 93.8% अंक हासिल करने वाले आयुष ने अब NEET में AIR-4 प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार उदाहरण पेश किया है।