नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

90 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड का सितंबर वायदा करीब 2.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड का अगस्त वायदा 2.4 प्रतिशत बढ़कर 84.49 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार जून के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के ऊपर पहुंचा है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष बना बड़ी वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सप्ताहांत में ईरान और अमेरिका के बीच फिर से सैन्य कार्रवाई तेज हो गई। अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमलों और ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इससे वैश्विक निवेशकों के बीच तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ी निगरानी

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है। इसी आशंका के चलते बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

महंगाई पर भी पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रहती है तो इसका असर पेट्रोल, डीजल, परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के सामने महंगाई की नई चुनौती खड़ी हो सकती है।