नई दिल्ली | 8 जुलाई 2026

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार 8 जुलाई 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है। सुबह के शुरुआती संकेतों में गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) करीब 175.50 अंक यानी 0.72 फीसदी की गिरावट के साथ 24,208 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर आज घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है।

ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता

मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तीन तेल टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। इसके साथ ही ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने पहले से कमजोर युद्धविराम की स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। चूंकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतें इस क्षेत्र से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।

घरेलू बाजार में इन कारकों पर रहेगी नजर

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय बाजार की दीर्घकालिक तस्वीर अभी भी सकारात्मक बनी हुई है। निवेशकों की निगाहें अब जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों, भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की प्रगति और दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति पर टिकी रहेंगी। ये तीनों कारक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

आज इन शेयरों में रह सकती है हलचल

बुधवार के कारोबार में Embassy Developments, IndiGo, SpiceJet, Axis Bank, Ganesh Infraworld, ideaForge Technology, Orchid Pharma, Uno Minda, Silver Touch Technologies, 3i Infotech और Adani Enterprises के शेयरों पर विशेष नजर रहेगी।

Embassy Developments ने प्री-सेल्स और कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि Axis Bank को RBI से चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति की मंजूरी मिली है। Adani Enterprises ने 15,000 करोड़ रुपये का QIP सफलतापूर्वक पूरा किया है। वहीं IdeaForge Technology, Silver Touch Technologies और 3i Infotech को नए ऑर्डर मिलने से इन शेयरों में भी गतिविधि बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करना फिलहाल बेहतर रणनीति मानी जा रही है।