मुंबई | 17 जुलाई 2026

महाराष्ट्र में खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। नए नियुक्त FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर चलाए जा रहे 'Safe Food, Safe Maharashtra' अभियान के तहत राज्यभर में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और मिठाई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। दो दिनों तक चले इस अभियान में 24 स्थानों पर छापेमारी कर करीब 1.90 करोड़ रुपये की मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की गई।

मुंबई के प्रसिद्ध प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान मुंबई के कई चर्चित होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। भिंडी बाजार स्थित नूर मोहम्मदी होटल में किचन के आसपास गंदगी, तेल से फर्श खराब और स्वच्छता मानकों की अनदेखी पाई गई। वहीं शालीमार हॉस्पिटैलिटी का लाइसेंस दोबारा जांच में 25 नियमों के उल्लंघन मिलने के बाद रद्द कर दिया गया। उमरखाड़ी के रहमानिया रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री और पैकेजिंग के गलत भंडारण तथा कीट नियंत्रण व्यवस्था में कमी मिलने पर कार्रवाई की गई।

आइसक्रीम, डेयरी और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई

चर्चगेट के प्रसिद्ध के. रुस्तम आइसक्रीम प्रतिष्ठान में चूहों का संक्रमण, एक्सपायर्ड फ्लेवरिंग एजेंट और कोल्ड स्टोरेज से जुड़ी खामियां मिलने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। पारसी डेयरी फार्म में भी गंभीर साफ-सफाई संबंधी कमियां सामने आने पर कार्रवाई की गई। पालघर के वसई क्षेत्र के कई होटलों में गंदे किचन, खराब कोल्ड स्टोरेज और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने के बाद उनके लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए। पुणे की बीजी गोयल एंड कंपनी से 4,172 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8.14 लाख रुपये बताई गई।

साफ-सफाई और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस

FDA ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। अब छोटे कारोबारियों के साथ-साथ बड़े और प्रतिष्ठित होटल-रेस्टोरेंट भी नियमित निरीक्षण के दायरे में रहेंगे। स्वच्छता, वैध लाइसेंस, सही स्टोरेज और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना सभी खाद्य कारोबारियों के लिए अनिवार्य होगा।