बेगूसराय | 1 अगस्त 2026
बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को बेगूसराय की विशेष MP-MLA अदालत ने आर्म्स एक्ट मामले में दोषी ठहराते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच के दौरान सीबीआई ने बेगूसराय स्थित मंजू वर्मा के पैतृक आवास पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान इंसास और एसएलआर जैसे हथियारों के करीब 50 कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद चेरिया बरियारपुर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
आठ साल बाद आया अदालत का फैसला
करीब आठ वर्षों तक चली सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर आर्थिक दंड भी लगाया है।
मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद आई थीं चर्चा में
मंजू वर्मा उस समय बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री थीं, जब मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड सामने आया था। इस मामले के बाद राजनीतिक दबाव बढ़ने पर उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसी दौरान सीबीआई की छापेमारी में कारतूस बरामद होने के बाद उनके खिलाफ अलग से आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए
फैसला सुनाए जाने के बाद विशेष अदालत के आदेश पर मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष का कहना है कि बरामद कारतूसों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।




