पटना | 23 जुलाई 2026
बिहार की राजधानी पटना में NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर निकले प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना के बाद कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना पुलिस ने 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
CCTV और सोशल मीडिया वीडियो से होगी पहचान
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान होगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए राजधानी के कई इलाकों में देर रात तक छापेमारी अभियान भी चलाया गया।
यू-ट्यूबर और सोशल मीडिया की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन की योजना, भीड़ जुटाने और सोशल मीडिया के जरिए प्रचार-प्रसार की भी जांच की जा रही है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं किसी यू-ट्यूबर, कंटेंट क्रिएटर या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आंदोलन को संगठित करने या भड़काने के लिए तो नहीं किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस विस्तृत जानकारी साझा करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। डाकबंगला चौराहा और बेली रोड क्षेत्र में पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति के साथ-साथ निजी वाहनों को भी निशाना बनाया।
जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।




