पटना | 1 अगस्त 2026
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) से मुलाकात कर पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा और उनके अधीनस्थ अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
प्रशांत किशोर का आरोप है कि मतदान के दौरान पुलिस ने सत्तापक्ष के साथ मिलकर जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की तथा चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया।
'बिना वजह नेताओं को गिरफ्तार किया गया'
प्रशांत किशोर ने कहा कि 30 जुलाई को हुए बांकीपुर उपचुनाव के दौरान जन सुराज के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी ठोस कारण के हिरासत में लिया गया। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को डराना था।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी साक्ष्यों के साथ चुनाव आयोग को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया है।
SSP कार्तिकेय शर्मा पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पटना SSP और उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान हुई घटनाओं के दस्तावेजी प्रमाण चुनाव आयोग को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
चुनाव आयोग ने जांच का दिया आश्वासन
प्रशांत किशोर के अनुसार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया के सामने सबूत रखने का दावा
जन सुराज प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग को सौंपे गए दस्तावेजों के अलावा पार्टी अगले दिन मीडिया के सामने भी अपने सभी साक्ष्य सार्वजनिक करेगी।
मतदान के दिन हुआ था विवाद
गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव के मतदान के दौरान जन सुराज और भाजपा समर्थकों के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं। वहीं, मतदान से पहले पुलिस द्वारा जन सुराज के कई नेताओं को शांति व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर हिरासत में लिए जाने को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ था। अब चुनाव परिणाम से पहले इस शिकायत ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।




