पटना: दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और आवाजाही को देखते हुए पटना में 102 एंबुलेंस सेवा को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पूजा पंडालों, प्रमुख बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी मेडिकल इमरजेंसी, सड़क दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

राज्य सरकार के सहयोग से जेनप्लस सर्विसेज द्वारा 102 एंबुलेंस सेवा का निःशुल्क संचालन किया जा रहा है। त्योहार के दौरान सेवा को सुचारु बनाए रखने के लिए एंबुलेंस टीमों, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कॉल सेंटर के कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पटना में 118 एंबुलेंस रहेंगी तैयार

पटना जिले में कुल 118 एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं। इनमें 28 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (ALSA), 76 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (BLSA) और 14 शव वाहन शामिल हैं।

प्रत्येक एंबुलेंस में चालक के साथ प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) तैनात रहते हैं। ये कर्मचारी आपात स्थिति में मरीज को प्राथमिक चिकित्सा सहायता देने में सक्षम हैं।

इन एंबुलेंस का इस्तेमाल मेडिकल कॉलेज, सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों को पहुंचाने के लिए किया जाता है।

पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष नजर

दुर्गा पूजा के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में पूजा पंडाल लगाए जाते हैं। इन जगहों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने के कारण अचानक तबीयत बिगड़ने, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी, चोट लगने और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका रहती है।

इसे देखते हुए एंबुलेंस की उपलब्धता, तैनाती और रिस्पॉन्स टाइम की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

कॉल सेंटर टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आपातकालीन कॉल मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और जरूरतमंद मरीज को समय पर सहायता मिले।

अगस्त में 7,528 लोगों को मिली एंबुलेंस सेवा

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में पटना जिले में 102 एंबुलेंस सेवा के जरिए कुल 7,528 मामलों में लोगों को सहायता दी गई।

इनमें शामिल हैं:

  • 4,323 गर्भवती महिलाएं: सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
  • 101 नवजात एवं गंभीर मरीज: अस्पताल पहुंचाने में सहायता दी गई।
  • 278 सड़क दुर्घटना पीड़ित: आपातकालीन परिवहन सेवा उपलब्ध कराई गई।
  • 2,826 अन्य मरीज: अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सा सहायता दिलाने में मदद की गई।

इन आंकड़ों के अनुसार, एंबुलेंस सेवा ने गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों और अन्य मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुर्गा पूजा के दौरान भी सेवा को निर्बाध बनाए रखने की तैयारी है।

मेडिकल इमरजेंसी में 102 पर करें कॉल

जेनप्लस सर्विसेज, बिहार के प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद आपातकालीन परिवहन सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को बिना देरी के जरूरी चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया जा सके।