बेगूसराय: अपना कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रहे बेगूसराय जिले के 117 उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत उद्यमिता प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभुकों के बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में 2-2 लाख रुपये भेजे गए हैं। इस राशि से लाभुकों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
पटना के बापू सभागार में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सात हजार से अधिक लाभुकों के खातों में करीब 150 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। बेगूसराय के लाभुक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्ञानेश्वरी किरण समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
197 आवेदकों की सूची में 117 ने पूरी की ट्रेनिंग
डीएम रिची पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद बेगूसराय जिले के 197 उद्यमियों की अंतिम सूची तैयार की गई थी। इनमें से 117 लाभुकों ने निर्धारित उद्यमिता प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले इन 117 लाभुकों को ही योजना की पहली किस्त जारी की गई है। इस राशि से वे अपने चुने हुए कारोबार की शुरुआत करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में मिलते हैं 10 लाख रुपये तक
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत पात्र लाभुकों को कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।
योजना के अनुसार, इसमें पांच लाख रुपये तक अनुदान और पांच लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण शामिल है। इससे नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी जुटाने में मदद मिलती है।
युवाओं और महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के माध्यम से लाभुक अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और रोजगार के नए अवसर तैयार कर सकते हैं। बेगूसराय के 117 लाभुकों को पहली किस्त मिलने से उनके कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
जिले में योजना के तहत चयनित अन्य लाभुकों के लिए भी प्रशिक्षण और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण होगा। इससे वे योजना के प्रावधानों के अनुसार आगे की वित्तीय सहायता प्राप्त करने की दिशा में बढ़ सकेंगे।




