पटना | 31 जुलाई 2026: बिहार की राजनीति में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर नई राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो दीपक प्रकाश के लिए विधान परिषद पहुंचने का रास्ता खुल सकता है, जिससे उनके मंत्री पद को लेकर बने संवैधानिक विवाद को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

MLC सीट खाली होने की चर्चा तेज

सूत्रों के मुताबिक, देवेश कुमार का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद खाली होने वाली सीट पर दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की तैयारी की जा सकती है। इससे उनके किसी सदन का सदस्य बनने का रास्ता साफ होगा।

मंत्री पद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लंबित है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि वे विधानसभा या विधान परिषद—किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, फिर भी दीपक प्रकाश मंत्री पद पर बने हुए हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार, चुनाव आयोग और दीपक प्रकाश से जवाब मांगा है।

क्या है संवैधानिक विवाद ?

याचिका में संविधान के अनुच्छेद 164(4) का हवाला देते हुए कहा गया है कि बिना किसी सदन का सदस्य बने मंत्री पद पर बने रहने की समय-सीमा को दोबारा लागू नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे पर अदालत में सुनवाई जारी है।

MLC बनने से मिल सकती है राहत

यदि दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हो जाते हैं, तो मंत्री पद को लेकर उठ रहे संवैधानिक सवाल काफी हद तक समाप्त हो सकते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले और आगे की राजनीतिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।