पटना | 31 जुलाई 2026

बिहार में वाहन जांच व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ा बदलाव किया है। अब सिपाही और सहायक अवर निरीक्षक (ASI) सड़क पर वाहनों की जांच नहीं करेंगे। पुलिस मुख्यालय के नए निर्देश के अनुसार, वाहन चेकिंग का अधिकार केवल दारोगा (SI) और उससे वरिष्ठ अधिकारियों को होगा।

एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा है कि सिपाहियों और एएसआई की प्राथमिक जिम्मेदारी ट्रैफिक का सुचारु संचालन, जाम की स्थिति को नियंत्रित करना और सड़क व्यवस्था बनाए रखना होगी। वाहनों की जांच करना उनकी जिम्मेदारी नहीं होगी।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

एडीजी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सिपाही या एएसआई वाहन रोककर जांच करता पाया गया या उसके खिलाफ शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के अनुपालन की निगरानी के लिए विशेष जांच टीम भी गठित की जाएगी।

बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखना होगा अनिवार्य

ट्रैफिक ड्यूटी और वाहन जांच में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखना अनिवार्य किया गया है। यदि जांच के दौरान कैमरा बंद पाया जाता है और किसी चालक के साथ विवाद की स्थिति बनती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मी की होगी।

पटना में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए नया मॉडल

राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए नया 'स्ट्रेच मॉडल' लागू किया जा रहा है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को किसी एक चौराहे की बजाय पूरे सड़क खंड की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस नो-पार्किंग जोन, वन-वे व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने जैसे मामलों में संबंधित एजेंसियों को सुझाव भी देगी।