पटना | 29 जुलाई 2026

बिहार के सीमांचल क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने वाली पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। करीब 21,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पूर्णिया समेत छह जिलों की तस्वीर बदलने वाला माना जा रहा है। इसके साथ ही पूर्णिया में प्रस्तावित आधुनिक इंडस्ट्रियल हब क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन सकता है।

21 हजार करोड़ की परियोजना से बदलेगी सीमांचल की तस्वीर

केंद्र सरकार से वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को गति मिली है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद पटना से पूर्णिया की यात्रा का समय घटकर तीन घंटे से भी कम रह जाने की उम्मीद है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

करीब 247 से 282 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति से चल सकेंगे। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।

  • पहला चरण: हाजीपुर से समस्तीपुर
  • दूसरा चरण: समस्तीपुर से सहरसा
  • तीसरा चरण: सहरसा से पूर्णिया

छह जिलों को मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह बिहार की सीमा के भीतर विकसित होगा और वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया को तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा।

पूर्णिया जिले में इसका लगभग 60 किलोमीटर लंबा हिस्सा बीकोठी, धमदाहा, केनगर, कसबा और डगरुआ क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

543.84 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज

परियोजना के लिए पूर्णिया जिले के 37 मौजों में करीब 543.84 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे निर्माण कार्य समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

कृषि, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एक्सप्रेसवे बनने के बाद कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी, व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और पर्यटन, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही पूर्णिया एयरपोर्ट और प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

687 एकड़ में बनेगा आधुनिक इंडस्ट्रियल हब

पूर्णिया में करीब 687 एकड़ भूमि पर आधुनिक इंडस्ट्रियल हब विकसित करने की भी योजना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रस्तावित है। यह हब सीमांचल और उत्तर बिहार के लिए निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है। इसके विकसित होने से पूर्णिया पूर्वी और उत्तर बिहार के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल हब दोनों परियोजनाएं मिलकर सीमांचल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।