कोलकाता | 20 जुलाई 2026

कोलकाता हाई कोर्ट ने मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने हुगली जिले के मगरा थाना पुलिस को आदेश दिया कि आईपीएल क्रिकेटर अभिषेक पोरेल समेत नामजद दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तत्काल जब्त किए जाएं, ताकि कथित आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो के संभावित दुरुपयोग को रोका जा सके।

प्रेम संबंध का झांसा देकर शोषण का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने प्रेम संबंध का भरोसा दिलाकर उसका यौन शोषण किया। शिकायत के अनुसार, उसकी जानकारी के बिना निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। इसी आधार पर मगरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा।

डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर कोर्ट का जोर

सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपियों के मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण अब तक जब्त नहीं किए गए हैं। वकीलों ने दलील दी कि इन उपकरणों में मौजूद डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनके जरिए कथित ब्लैकमेलिंग के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि इसी तरह अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया गया हो सकता है।

11 अगस्त तक मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और जांच आगे बढ़ रही है। इस पर हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती में देरी न हो। अदालत ने पुलिस से अब तक की कार्रवाई और जांच की विस्तृत रिपोर्ट 11 अगस्त तक प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई भी इसी दिन निर्धारित की गई है।

मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में

अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आरोपों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है और सुनवाई के दौरान आरोपियों का पक्ष भी सामने आएगा। फिलहाल कोर्ट ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और संभावित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया है।