मैनचेस्टर (इंग्लैंड), 5 जुलाई 2026
मैनचेस्टर (इंग्लैंड), 5 जुलाई 2026: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर इतिहास रच दिया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में टीम इंडिया की जर्सी पहनने वाले वैभव भारत के सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इस मामले में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, डेब्यू मैच में भारत को इंग्लैंड के हाथों छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वैभव की निडर बल्लेबाजी और आत्मविश्वास ने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि वैभव मैदान पर बिल्कुल भी घबराए हुए नहीं दिखे।
श्रेयस अय्यर ने की वैभव की तारीफ
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव का आत्मविश्वास उनकी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व दिखाई दिया।
उन्होंने कहा,
"वैभव का खेलने का अंदाज बिल्कुल निडर है। उन्हें बल्लेबाजी करते देखना शानदार अनुभव था। सच कहूं तो मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि वह नर्वस होंगे। पिछले कुछ महीनों और वर्षों में उन्होंने लगातार शानदार क्रिकेट खेली है और उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरे। उन्होंने मौके को अच्छी तरह संभाला और अपने खेल से सभी को प्रभावित किया।"
अय्यर ने कहा कि टीम प्रबंधन को पहले से भरोसा था कि वैभव दबाव में भी अपने स्वाभाविक खेल से समझौता नहीं करेंगे और उन्होंने वही साबित किया।
International cricket डेब्यू मैच में खेली आक्रामक पारी
अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने बिना किसी झिझक के बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 10 गेंदों में 16 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल रहे।
हालांकि, बड़ी पारी खेलने की कोशिश में वह स्टंप आउट हो गए, लेकिन उनकी सकारात्मक बल्लेबाजी ने साफ संकेत दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बेहतरीन बल्लेबाज मिल सकता है।
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी ने 15 वर्ष 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू कर नया इतिहास रच दिया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था।
इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना वैभव की प्रतिभा और लगातार शानदार प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है।
भारत ने बनाए 190 रन
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए।
भारत की ओर से ईशान किशन ने सबसे अधिक 49 रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा ने 43 रन की उपयोगी पारी खेली। वैभव सूर्यवंशी ने भी तेज शुरुआत देकर टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाने की कोशिश की।
जैकब बैथल और हैरी ब्रूक ने पलटा मैच
191 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। लेकिन इसके बाद जैकब बैथल और कप्तान हैरी ब्रूक ने शानदार बल्लेबाजी कर मैच का रुख बदल दिया।
बैथल ने 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। वहीं कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 15 गेंदों में 39 रन की विस्फोटक पारी खेली।
दोनों बल्लेबाजों की शानदार साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने लक्ष्य 19वें ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया और छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हार के बावजूद चर्चा में रहे वैभव
भले ही भारतीय टीम मुकाबला हार गई, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की रही। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और निडरता के साथ उन्होंने बल्लेबाजी की, वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। कप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ ने भी यह साफ कर दिया कि टीम प्रबंधन को इस युवा बल्लेबाज से भविष्य में बड़ी उम्मीदें हैं।




