नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे में भारत को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ मेजबान टीम ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि टीम ने मैच के सबसे अहम दौर में गेंदबाजी में बड़ी गलती की, जिसका खामियाजा अंत में हार के रूप में भुगतना पड़ा।

45वें ओवर तक मुकाबले में था भारत

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में शुभमन गिल ने कहा कि 45वें ओवर तक मुकाबला पूरी तरह भारत के नियंत्रण में था। लेकिन अंतिम तीन ओवरों में भारतीय गेंदबाज रन रोकने में असफल रहे और इंग्लैंड ने तेजी से स्कोर बढ़ाकर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया। गिल ने कहा कि यदि डेथ ओवरों में रन नियंत्रित किए जाते तो लक्ष्य काफी कम होता और मैच का नतीजा अलग हो सकता था।

पहले से तैयार थी रन चेज की रणनीति

भारतीय कप्तान ने बताया कि टीम ने लक्ष्य का पीछा करने के लिए स्पष्ट योजना बनाई थी। रणनीति थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट संभालकर बल्लेबाजी की जाए और बीच के ओवरों में 6 से 6.5 रन प्रति ओवर की गति बनाए रखी जाए। इसके बाद अंतिम 10 ओवरों में तेजी लाकर लक्ष्य हासिल करने की योजना थी। हालांकि धीमी होती पिच और बढ़ते रनरेट के दबाव के कारण टीम अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू नहीं कर सकी।

रोहित शर्मा की पारी की सराहना

हार के बावजूद शुभमन गिल ने रोहित शर्मा की शानदार शतकीय पारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली वर्षों से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। गिल ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी रोहित ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में शामिल हैं।

इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी बनी जीत की कुंजी

इंग्लैंड की ओर से बेन डकेट, जैकब बेथेल और जो रूट ने टीम को मजबूत शुरुआत दी, जबकि अंतिम ओवरों में जोस बटलर की विस्फोटक बल्लेबाजी ने स्कोर 388 रन तक पहुंचा दिया। मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि पहले वनडे में हार के बाद टीम ने शानदार वापसी की। उन्होंने कोच ब्रेंडन मैकुलम की रणनीति और खिलाड़ियों के धैर्य की सराहना करते हुए इसे टीम प्रयास की जीत बताया।