नई दिल्ली, 14 अगस्त। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित, खुश और सफल रहे। इसी चिंता में कई बार पैरेंट्स अनजाने में बच्चों की जिंदगी के छोटे-बड़े फैसलों में जरूरत से ज्यादा दखल देने लगते हैं। लगातार निगरानी, हर बात पर रोक-टोक या बच्चे की तुलना दूसरों से करना उसके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। अगर आप चाहते हैं कि बच्चा आगे चलकर आत्मनिर्भर बने, तो इन आदतों पर जरूर ध्यान दें।
1. बच्चे के हर फैसले खुद लेना
बच्चे की उम्र और समझ के अनुसार उसे छोटे-छोटे फैसले खुद लेने का मौका देना जरूरी है। कपड़े, खेल, शौक या दिनचर्या से जुड़े विकल्पों में उसकी पसंद पूछें। इससे उसमें निर्णय लेने और अपनी जिम्मेदारी समझने की क्षमता विकसित होती है।
2. हर समय बच्चे पर नजर रखना
बच्चा किससे बात कर रहा है, फोन पर क्या देख रहा है या कहां जा रहा है—हर समय निगरानी रखने से उसे घुटन महसूस हो सकती है। सुरक्षा के लिए जरूरी सीमाएं तय करें, लेकिन उम्र के मुताबिक उसे निजी स्पेस और भरोसा भी दें।
3. हर बात पर टोकना और अपनी मर्जी थोपना
बच्चों से गलतियां होना उनके सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। हर छोटी गलती पर डांटने के बजाय समझाने की कोशिश करें। साथ ही अपनी अधूरी इच्छाएं बच्चे पर थोपने के बजाय उसकी रुचि और क्षमता को समझें।
4. दूसरे बच्चों से तुलना करना
‘देखो, उसके इतने अच्छे नंबर आए’ जैसी बातें बच्चे के आत्मसम्मान को प्रभावित कर सकती हैं। हर बच्चे की क्षमता और सीखने की गति अलग होती है। तुलना करने के बजाय उसकी अपनी प्रगति और मेहनत की सराहना करें।
5. हर मुश्किल से बच्चे को बचाना
बच्चे को हर परेशानी से बचाने की कोशिश उसे आत्मनिर्भर बनने से रोक सकती है। स्कूल प्रोजेक्ट, दोस्तों से छोटी समस्या या रोजमर्रा की चुनौतियों में तुरंत समाधान देने के बजाय उसे सोचने और समस्या सुलझाने का अवसर दें।
प्यार के साथ भरोसा भी जरूरी
बच्चे की परवरिश में सुरक्षा और अनुशासन जरूरी हैं, लेकिन उसके साथ भरोसा, संवाद और उम्र के अनुसार स्वतंत्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जरूरत से ज्यादा नियंत्रण के बजाय ऐसा माहौल बनाएं जहां बच्चा अपनी बात खुलकर कह सके और धीरे-धीरे अपने फैसले खुद लेना सीख सके।




