पटना : 28/06/2026

क्या है डिजिटल क्लटर?

स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन जरूरत से ज्यादा ऐप्स, हजारों फोटो-वीडियो, बेकार फाइलें, लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और भरे हुए ईमेल अब मानसिक तनाव की वजह भी बन रहे हैं। विशेषज्ञ इसे 'डिजिटल क्लटर (Digital Clutter)' कहते हैं। यानी मोबाइल में अनावश्यक डिजिटल सामग्री का लगातार जमा होना।

रिसर्च क्या कहती है?

University of California, Irvine की रिसर्च के अनुसार, बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन और फोन चेक करने की आदत एकाग्रता को प्रभावित करती है। एक बार ध्यान भटकने के बाद व्यक्ति को दोबारा पूरी तरह काम पर लौटने में औसतन 20 से 23 मिनट लग सकते हैं। वहीं American Psychological Association (APA) का कहना है कि लगातार डिजिटल सूचनाओं का दबाव मानसिक थकान और तनाव बढ़ा सकता है।

क्यों बढ़ रही है समस्या?

आज अधिकांश लोगों के मोबाइल में 80 से 100 तक ऐप्स होते हैं, लेकिन नियमित इस्तेमाल केवल 25 से 30 ऐप्स का ही होता है। इसके बावजूद हजारों फोटो, स्क्रीनशॉट, डाउनलोड फाइलें और नोटिफिकेशन फोन में जमा रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल अव्यवस्था दिमाग पर अतिरिक्त बोझ डालती है और काम के दौरान ध्यान भटकाती है।

कैसे रखें मोबाइल व्यवस्थित?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महीने में कम से कम एक बार मोबाइल की सफाई जरूर करें। बेकार ऐप्स हटाएं, अनावश्यक फोटो और वीडियो डिलीट करें, केवल जरूरी नोटिफिकेशन चालू रखें और ईमेल व डाउनलोड फोल्डर को नियमित रूप से साफ करें। साथ ही सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का समय भी तय करें।

क्यों जरूरी है डिजिटल सफाई?

विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे साफ-सुथरा घर मानसिक सुकून देता है, उसी तरह व्यवस्थित मोबाइल भी तनाव कम करने, फोकस बढ़ाने और समय बचाने में मदद कर सकता है। डिजिटल क्लटर हटाना कोई इलाज नहीं, लेकिन बेहतर डिजिटल लाइफस्टाइल की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और आसान कदम जरूर माना जा रहा है।