नई दिल्ली | 15 जुलाई 2026
घर में लगे पेड़-पौधे हरियाली के साथ सकारात्मक माहौल भी देते हैं, लेकिन कई बार नियमित पानी और देखभाल के बावजूद उनकी ग्रोथ रुक जाती है। पौधों में नए पत्ते नहीं निकलते, फूल कम आने लगते हैं और वे मुरझाए हुए दिखाई देने लगते हैं। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर महंगे केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार ये पौधों और मिट्टी दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आपकी रसोई में मौजूद चावल का पानी एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है।
पौधों के लिए क्यों फायदेमंद है चावल का पानी?
विशेषज्ञों के अनुसार, चावल धोने या उबालने के दौरान पानी में स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व मिल जाते हैं। ये तत्व पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने, नई पत्तियों की ग्रोथ बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह मिट्टी में लाभदायक सूक्ष्मजीवों की संख्या भी बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
इस तरह करें इस्तेमाल
चावल धोने के बाद बचा हुआ पानी सीधे पौधों की जड़ों में डाला जा सकता है। यदि चावल उबालने के बाद निकला हुआ माड़ इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसे पूरी तरह ठंडा करें और बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाकर ही प्रयोग करें। ध्यान रखें कि पानी में नमक या तेल बिल्कुल न मिला हो।
किन पौधों में मिलेगा फायदा?
मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, तुलसी, एलोवेरा, गुलाब, गुड़हल, पीस लिली, करी पत्ता सहित कई इनडोर और आउटडोर पौधों में इसका उपयोग किया जा सकता है। चाहें तो स्प्रे बोतल की मदद से पत्तियों पर हल्का छिड़काव भी कर सकते हैं, जिससे पत्तियों की चमक बनी रहती है।
हफ्ते में एक-दो बार ही करें प्रयोग
बागवानी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चावल के पानी का इस्तेमाल रोजाना नहीं करना चाहिए। सप्ताह में केवल एक या दो बार इसका प्रयोग पर्याप्त होता है। इससे पौधों को आवश्यक पोषण मिलता है और मिट्टी में अतिरिक्त नमी या पोषक तत्वों का असंतुलन भी नहीं होता।




