नई दिल्ली | 17 जुलाई 2026
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 'परिवर्तन योजना' (PARIVARTAN Scheme) को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने योजना की ऑपरेशनल गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में शामिल आठ जिलों के वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को मिलेगा।
करीब 9,585 करोड़ रुपये की परियोजना
सरकार के अनुसार इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 9,585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें करीब 5,041 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी। योजना का उद्देश्य प्रदूषण कम करने के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना और स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को बढ़ावा देना है।
इन 8 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों को मिलेगा। इन क्षेत्रों में पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने के लिए वाहन मालिकों को विभिन्न आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
नई गाड़ी खरीदने पर मिलेंगी कई सुविधाएं
परिवर्तन योजना के तहत नए व्यावसायिक वाहन खरीदने वालों को कई तरह की वित्तीय राहत दी जाएगी। वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत तक ब्याज में रियायत, नई कमर्शियल गाड़ियों की खरीद पर 11 ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा कम से कम 8 प्रतिशत तक की छूट, डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए मासिक फ्यूल वाउचर तथा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने वालों को एकमुश्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार मोटर वाहन टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी राहत देगी।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि योजना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। इसे VAHAN, V-Scrap और PFMS जैसे सरकारी पोर्टलों से जोड़ा जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता मिल सके। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण कम होगा, परिवहन व्यवस्था आधुनिक बनेगी और वाहन मालिकों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।




