नई दिल्ली/जकार्ता | 9 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंडोनेशिया दौरे के दौरान वहां की संसद को संबोधित करते हुए वैश्विक राजनीति और भारत की विदेश नीति पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए विस्तारवादी सोच पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत हमेशा विस्तारवाद नहीं, बल्कि विकासवाद के मार्ग पर चलता है। उनके इस बयान को चीन की विस्तारवादी नीतियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों को बताया ऐतिहासिक साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है और "लोकतंत्र की जननी" भारत की ओर से उन्होंने इंडोनेशिया की संसद और जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक संबंध भविष्य की साझेदारी की मजबूत नींव हैं।

मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया की जनता ने जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ उनका स्वागत किया है, उसे वह जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सभ्यताओं के बीच गहरे विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं।

राष्ट्रपति प्रबोवो को बताया अपना मित्र

प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी मित्रता का भी उल्लेख किया। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि "दोस्ती, विश्वास और सम्मान पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मेरी दोस्ती हर सीमा से परे है।"

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करना उनके लिए व्यक्तिगत नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इस सम्मान के लिए इंडोनेशिया की जनता का आभार व्यक्त किया।

साझा विकास और मानवता की सेवा पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया आज इतिहास के ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां अगले 25 वर्ष दोनों देशों के भविष्य को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि भारत साझा विकास, शांति, स्थिरता और मानव कल्याण की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहता है।

उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत और इंडोनेशिया मिलकर केवल अपने देशों के विकास के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता की सेवा और वैश्विक शांति के लिए भी कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।