वाराणसी (उत्तर प्रदेश) | 10 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीवर और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं प्रशासनिक देरी के कारण अधर में लटक गई हैं। तय समय सीमा के बावजूद इन योजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) शासन को नहीं भेजी जा सकी, जिससे शहर के करीब 4 लाख लोगों पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। यदि जल्द मंजूरी नहीं मिली, तो लोगों को जर्जर पाइपलाइन, कम जलदाब, दूषित पेयजल और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रिपोर्ट शीघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
डीपीआर लंबित होने से रुकीं विकास परियोजनाएं
नगर निगम की समीक्षा बैठक में सामने आया कि पेयजल और सीवर नेटवर्क से जुड़ी कई परियोजनाओं की डीपीआर समय पर शासन को भेजी जानी थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके कारण नई पाइपलाइन बिछाने, जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने और सीवर नेटवर्क विस्तार जैसी योजनाओं को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। परिणामस्वरूप नागरिकों को अभी भी पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पानी और सीवर की समस्याएं बढ़ने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार, यदि योजनाओं को जल्द मंजूरी नहीं मिली तो शहर के कई इलाकों में पानी का दबाव कम रहने, पाइपलाइन लीकेज, दूषित पेयजल आपूर्ति और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याएं बनी रह सकती हैं। इसका असर न केवल आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग भी प्रभावित हो सकती है।
मेयर ने दिए सख्त निर्देश, नई परियोजनाओं की भी समीक्षा
स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने जल निगम के अधिकारियों से जवाब तलब किया। मेयर ने निर्देश दिया कि लंबित डीपीआर निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में शासन को भेजी जाए। बैठक में रामनगर, सूजाबाद-डोमरी और रोहनिया क्षेत्र की पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही मणिकर्णिका घाट और नमो घाट स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि घाटों पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या न हो।
स्वच्छता अभियान को भी मिलेगी नई गति
बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। नगर निगम ने वार्ड स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने तथा सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा कर वाराणसी की आधारभूत सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।




