इलिनॉय, अमेरिका, 15 अक्टूबर 2026 : अमेरिका के इलिनॉय से एक बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार नवरात्रि के दौरान एक हिंदू मंदिर पर हमला करने की साजिश रचने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 19 साल के अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पर आरोप है कि वह 11 अक्टूबर को भारतीय मूल के लोगों की सामूहिक हत्या करना चाहता था। पापोराकिस घर से करीब 65 किमी गाड़ी चलाकर ऑरोरा में श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पहुंचा था। इस मंदिर में छुट्टी के दिन 3,000 से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। पापोराकिस अपने साथ राइफल और सैकड़ों गोलियां लेकर आया था मगर राइफल जाम होने की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसे वहां से भागना पड़ा। अब इस मामले में अमेरिकी पुलिस और FBI जांच कर रही हैं।
मंदिर पर हमले की कथित साजिश, हथियार में आई खराबी
रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी अपने घर से करीब 65 किलोमीटर की दूरी तय कर ऑरोरा स्थित मंदिर पहुंचा था। उसके पास राइफल और बड़ी मात्रा में गोलियां होने का दावा किया गया है। बताया गया है कि राइफल जाम होने के कारण वह कथित साजिश को अंजाम नहीं दे सका। घर लौटने के बाद आरोपी ने एक दोस्त को संदेश भेजकर घटना के बारे में बताया और हथियार की तस्वीरें भी साझा कीं। मगर दोस्त ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
घर से राइफल और गोलियां मिलने का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी के घर से राइफल, कई भरी हुई मैगजीन और लगभग 300 राउंड गोलियां बरामद की गईं। यह भी बताया गया है कि आरोपी ने इंटरनेट पर राइफल की खराबी दूर करने का तरीका खोजा था। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने सहित आरोप लगाए जाने की खबर है। अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है और अगली पेशी 30 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।
नस्लभेदी टिप्पणियों की भी जांच
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणियां की थीं। उसके घर से मिले कुछ सामान और उसके संदेशों की भी जांच की जा रही है। हालांकि इस मामले के सभी आरोपों और बरामदगी से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है।
भारतीय कॉन्सुलेट ने गिरफ्तारी का स्वागत किया
शिकागो स्थित भारतीय कॉन्सुलेट ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई की सराहना की है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्सुलेट मामले पर नजर बनाए हुए है। यह घटना धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और नस्लीय नफरत से प्रेरित संभावित हिंसा को लेकर चिंता बढ़ाती है। जांच एजेंसियां कथित साजिश के पीछे की मंशा और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।
अमेरिका में मंदिरों में तोड़फोड़ की पिछली घटनाएं
अमेरिका में इससे पहले भी कुछ हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और नफरत भरे संदेश लिखे जाने की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। इनमें कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों के मंदिर शामिल हैं। हालांकि प्रत्येक घटना की वजह और उसके पीछे की मंशा अलग हो सकती है; इसलिए सभी मामलों को बिना जांच के एक ही श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा। फिलहाल, ऑरोरा मंदिर से जुड़े मामले में जांच के निष्कर्ष और अदालत की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।




