वॉशिंगटन डीसी, 18 सितंबर 2026 : अमेरिका यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी को बड़े स्तर पर कम करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। पेंटागन की समीक्षा में यूरोप से 25 हजार से लेकर 40 हजार तक अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने का विकल्प शामिल है। हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यूरोप में फिलहाल करीब 80 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। पेंटागन ने जून 2026 में यूरोप में अमेरिकी सैनिकों, सैन्य ठिकानों और सैन्य संसाधनों की तैनाती की व्यापक समीक्षा शुरू की थी। रिपोर्टों के मुताबिक इस समीक्षा से जुड़े विकल्प नवंबर की शुरुआत में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के सामने रखे जाने हैं। इसके बाद प्रशासन आगे का फैसला ले सकता है।
Trump का जोर- यूरोप अपनी सुरक्षा में ज्यादा जिम्मेदारी ले
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से NATO के यूरोपीय सहयोगियों से रक्षा पर ज्यादा खर्च करने और अपनी सुरक्षा में अमेरिका पर निर्भरता कम करने की मांग करते रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की नीति में यूरोपीय देशों से अपनी सामूहिक रक्षा में ज्यादा भूमिका निभाने की अपेक्षा शामिल है। NATO महासचिव Mark Rutte ने भी कहा है कि यूरोपीय सहयोगी और कनाडा रक्षा खर्च बढ़ा रहे हैं। NATO के अनुसार 2025 में यूरोपीय सहयोगियों और कनाडा के रक्षा निवेश में लगभग 20% की बढ़ोतरी हुई थी।
जर्मनी, इटली और स्पेन पर पड़ सकता है बड़ा असर
अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम होने पर जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों में इसका प्रभाव ज्यादा दिखाई दे सकता है। जर्मनी में अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी है और वहां महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएं तथा कमांड इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं। Europe में अमेरिकी सैन्य ठिकाने केवल NATO की सुरक्षा से जुड़े नहीं हैं, बल्कि इनका इस्तेमाल यूरोप के साथ-साथ Middle East और अफ्रीका से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों और लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए भी किया जाता है।
यूरोप में अमेरिकी सैनिक क्यों तैनात हैं ?
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका ने यूरोप में बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाए रखी है। आज अमेरिकी सैनिक NATO की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था, सैन्य अभ्यास, deterrence और क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स में भूमिका निभाते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का महत्व और बढ़ा है। NATO के पूर्वी हिस्से में सैन्य तैयारियों और सहयोगी देशों को समर्थन देने में अमेरिकी संसाधनों की भूमिका रही है। Pentagon की मौजूदा समीक्षा में केवल सैनिकों की संख्या ही नहीं, बल्कि military bases, force posture और अन्य सैन्य capabilities को भी देखा जा रहा है।
ईरान को लेकर भी अमेरिका और यूरोप में मतभेद
अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के बीच ईरान को लेकर सैन्य नीति पर मतभेद भी सामने आए हैं। इसी व्यापक तनाव के बीच पेंटागन ने यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी की समीक्षा शुरू की है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि संभावित सैनिक कटौती केवल ईरान को लेकर यूरोपीय देशों के रुख की वजह से होगी। Pentagon की समीक्षा में अमेरिका की रणनीतिक प्राथमिकताओं, NATO की जरूरतों और यूरोपीय सहयोगियों की भूमिका जैसे कई पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
अगर 40 हजार सैनिक घटे तो क्या बदलेगा ?
अगर सबसे बड़े कटौती वाले विकल्प को लागू किया जाता है, तो यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी करीब आधी हो सकती है। इससे यूरोपीय देशों पर अपनी सैन्य क्षमता और रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, अमेरिकी सैनिकों की कटौती का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-सी units, bases और military capabilities हटाई या दूसरी जगह स्थानांतरित की जाती हैं। पेंटागन की समीक्षा पूरी होने और अंतिम निर्णय आने तक इस पर तस्वीर साफ नहीं होगी।




