नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 26 सितंबर 2026। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भारत के खिलाफ कड़ा बयान दिया है। पाक पीएम ने सिंधु नदी के पानी को लेकर भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान पानी रोकने की किसी भी कोशिश को युद्ध की कार्रवाई मानेगा। इस बीच शहबाज ने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और पिछले साल भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। इस दौरान पीएम शहबाज शरीफ ने दावा किया कि पिछले साल हुए संघर्ष में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना ने भारत को कड़ा सबक सिखाया था। उन्होंने मई 2025 में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी कोशिशों से बड़ा टकराव टला।

भारत ने पाकिस्तान के दावे पर दिया जवाब

पाक पीएम शहबाज शरीफ के भाषण के जवाब में UN में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों को कड़ी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भारतीय कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की सैटेलाइट तस्वीरें और अन्य सबूत दुनिया के सामने हैं। गहलोत ने पाकिस्तान के "जीत" के दावे पर खूब तंज कसा और कहा कि अगर तबाह रनवे और जले हुए हैंगर पाकिस्तान को जीत दिखाई देते हैं, तो वह इस "काल्पनिक जीत" का जश्न मनाने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। इस बीच भारत ने यह भी कहा कि सीमा पार आतंकवाद पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है और आतंकवादी हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार भारत के पास है।

शहबाज ने सिंधु जल संधि का भी उठाया मुद्दा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के सिंधु जल संधि से जुड़े कदम को गैरकानूनी बताया। उन्होंने दावा किया कि भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को एकतरफा रोक दिया। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए थे। शहबाज ने UN में कहा कि सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और पानी रोकने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा।

कश्मीर को लेकर भी पाकिस्तान ने उठाया मुद्दा

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए इसे पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है।इसके जवाब में भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मानवाधिकारों और हिंसा का मुद्दा उठाया।

ओसामा बिन लादेन और पाकिस्तान की सेना का भी जिक्र

भारत की ओर से जवाब देते हुए पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े रिकॉर्ड का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का संदर्भ देते हुए कहा कि आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के बयानों को उसके रिकॉर्ड के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और लोकतंत्र में सेना की पैठ तथा भूमिका पर भी सवाल उठाए।

धार्मिक असहिष्णुता का मुद्दा

शहबाज शरीफ ने UN में इस्लामोफोबिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में मुस्लिमों को भेदभाव, हिंसा और नफरत का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच पाक पीएम ने भारत का भी जिक्र किया और धार्मिक असहिष्णुता से जुड़े कई आरोप लगाए। इस पर भारत ने जवाब में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति, धार्मिक असहिष्णुता और ईशनिंदा कानूनों से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए।

'फॉर्म 47 सरकार' पर भारत का तंज

पेटल गहलोत ने शहबाज शरीफ सरकार को लेकर "फॉर्म 47 सरकार" शब्द का इस्तेमाल भी किया। यह शब्द पाकिस्तान में विपक्ष और खासकर PTI समर्थकों की ओर से शहबाज शरीफ की सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका संबंध फरवरी 2024 के पाकिस्तान आम चुनाव के बाद सामने आए चुनावी अनियमितताओं के आरोपों से है। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि कई सीटों पर फॉर्म 47 में दर्ज परिणाम और मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 के आंकड़ों में अंतर था। हालांकि, "फॉर्म 47 सरकार" एक राजनीतिक आरोप/विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, न कि पाकिस्तान की सरकार का कोई आधिकारिक संवैधानिक दर्जा।

होर्मुज और बाब-अल-मंदेब को खुला रखने की अपील

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन रास्तों को खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन समुद्री मार्गों में किसी तरह का व्यवधान केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

भारत ने दिया करारा जवाब

UN महासभा में शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान ने पानी, कश्मीर और पिछले सैन्य संघर्ष का मुद्दा उठाया, जबकि भारत ने आतंकवाद, PoJK, पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और 2025 के सैन्य संघर्ष से जुड़े दावों पर करारा जवाब दिया।