कीव/मॉस्को, 8 सितंबर 2026 : रूस और यूक्रेन के बीच करीब चार साल से जारी युद्ध के बीच एक बार फिर Peace Talks की उम्मीद जग गई है। अमेरिका दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश में जुटा है और इस दिशा में हाल के दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि अगली त्रिपक्षीय बैठक कब और कहां होगी। संभावित वार्ता सितंबर या अक्टूबर में होने की चर्चा है, मगर अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अमेरिका की पहल से फिर खुला बातचीत का रास्ता

रूस ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना को खारिज नहीं कर रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को ने इस तरह की वार्ता को लेकर अमेरिका और यूक्रेन की ओर से सामने आए बयानों पर गौर किया है। उनका कहना है कि रूस बातचीत के इस प्रारूप में फिर शामिल होने के लिए तैयार है। इससे लंबे समय से जारी संघर्ष को कूटनीतिक रास्ते से खत्म करने की कोशिशों को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

पुतिन और जेलेंस्की से मिले अमेरिकी प्रतिनिधि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेयर्ड कुशनर ने हाल में रूस और यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की। इसके बाद वे यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे और राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से भी चर्चा की। इन बैठकों के बाद किसी बड़े शांति समझौते का ऐलान नहीं हुआ, लेकिन अमेरिका ने रूस और यूक्रेन के बीच सीधे संवाद को दोबारा शुरू कराने पर जोर दिया है।

यूक्रेन चाहता है यूरोप की भी भागीदारी

यूक्रेन त्रिपक्षीय वार्ता के विचार के समर्थन में है, लेकिन उसकी मांग है कि यूरोपीय देशों को भी बातचीत की प्रक्रिया में शामिल किया जाए। जेलेंस्की के मुताबिक अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत शुरू करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर यूरोपीय साझेदारों को भी प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। जेयर्ड कुशनर का मानना है कि सीधे संवाद से दोनों देशों को एक-दूसरे के सामने अपनी स्थिति रखने का मौका मिलेगा। इससे बातचीत में किसी तीसरे पक्ष के जरिए संदेश पहुंचाने की जरूरत कम हो सकती है।

पहले भी हो चुकी है कई दौर की बातचीत

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए इससे पहले भी कई दौर की कूटनीतिक बातचीत हो चुकी है। अबूधाबी में जनवरी व फरवरी में वार्ता के दो दौर हुए थे। इसके बाद फरवरी में जिनेवा में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। हालांकि क्षेत्रीय विवाद और यूक्रेन की भविष्य की Security Guarantees जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों की स्थिति अलग रहने के कारण कोई व्यापक समझौता नहीं हो सका। यूक्रेन के नियंत्रण से बाहर हो चुके क्षेत्रों का भविष्य और सुरक्षा गारंटी फिलहाल बातचीत की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं।

बातचीत के बीच युद्ध भी जारी

कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद जमीनी स्तर पर युद्ध पूरी तरह थमा नहीं है। अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा के दौरान रूस और यूक्रेन ने अपनी-अपनी राजधानियों पर हवाई हमले 72 घंटे तक रोकने पर सहमति जताई थी। हालांकि यूक्रेन के अन्य हिस्सों में सैन्य गतिविधियां जारी रहीं। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने रविवार रात 108 ड्रोन लॉन्च किए। इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कुल 10 नागरिक मारे गए और 65 लोग घायल हुए।

क्या सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है बड़ी वार्ता ?

फिलहाल अगली Russia-Ukraine Peace Talks की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। सितंबर या अक्टूबर में बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसे लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अमेरिका की सक्रिय मध्यस्थता और रूस की बातचीत के प्रारूप में लौटने की इच्छा से कूटनीतिक रास्ता जरूर खुलता दिखाई दे रहा है। हालांकि क्षेत्रीय मुद्दों, सुरक्षा गारंटी और युद्धविराम जैसे कठिन सवालों पर सहमति बनना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि चार साल से जारी युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा। लेकिन अमेरिका की नई पहल ने Peace Process को फिर से चर्चा के केंद्र में जरूर ला दिया है।