न्यूयॉर्क, 28 सितंबर 2026 : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों का मुद्दा अब संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय के बाहर भी सुनाई दे रहा है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक के दौरान कश्मीरी प्रदर्शनकारियों ने UN मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने PoK में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रशासन पर आंदोलन को दबाने, लोगों की गिरफ्तारी और कथित तौर पर लोगों को हिरासत में लेकर गायब करने जैसे आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इन मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग भी की है।

UN मुख्यालय के बाहर उठाए PoK के मुद्दे

न्यूयॉर्क में प्रदर्शन करने वाले लोगों ने पोस्टर और बैनर के जरिए PoK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वहां आम लोगों, महिलाओं और बच्चों के साथ कथित ज्यादती की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनकी मांग है कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा, गैरकानूनी गिरफ्तारी या अन्य मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप सामने आते हैं तो उनकी जांच किसी स्वतंत्र व्यवस्था के जरिए कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoK की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की है।

PoK से पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को हटाने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने PoK से पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की मौजूदगी खत्म करने की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच आम लोगों के लिए खुलकर अपनी मांगें उठाना मुश्किल है। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से नागरिक अधिकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की अपील की। यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में दुनियाभर के नेता, राजनयिक और प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में मौजूद हैं।

PoK में कई महीनों से जारी है विरोध

PoK में इस साल कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में महंगाई और विधानसभा में शरणार्थियों के लिए सीटों के आरक्षण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बाद में प्रदर्शन का दायरा बढ़ता गया और इसमें राजनीतिक तथा प्रशासनिक मांगें भी शामिल होती गईं। विरोध प्रदर्शनों में Joint Awami Action Committee (JAAC) की भूमिका प्रमुख बताई गई है। संगठन की मांगों को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना के साथ उसका टकराव भी सामने आया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से बिजली, खाद्य वस्तुओं की कीमतों, कर व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाते रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों और पाक सरकार के बीच टकराव

PoK में आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनने की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारी आरोप लगाते हैं कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए बल का इस्तेमाल किया। दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई को उचित ठहराई है। इस पूरे घटनाक्रम में अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। ऐसे में हिंसा, मौतों, गिरफ्तारियों या कथित गुमशुदगी से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

UNGA के दौरान प्रदर्शन क्यों महत्वपूर्ण ?

न्यूयॉर्क में हुआ प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह UN General Assembly के हाई-लेवल वीक के दौरान हुआ है। इस दौरान दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकारों के प्रमुख, विदेश मंत्री और वरिष्ठ राजनयिक संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मौजूद रहते हैं। ऐसे समय में किसी क्षेत्रीय मुद्दे को UN मुख्यालय के बाहर उठाने से प्रदर्शनकारियों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनयिक समुदाय तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलता है। प्रदर्शनकारियों ने इसी मंच का इस्तेमाल PoK में नागरिक अधिकारों से जुड़े अपने आरोपों और मांगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए किया।

कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान का अलग-अलग रुख

कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। भारत PoK को पाकिस्तान के कब्जे वाला क्षेत्र मानता है और पूरे जम्मू-कश्मीर पर अपना दावा रखता है। पाकिस्तान भी कश्मीर पर अपना दावा करता है। PoK में स्थानीय राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शनों में कई बार पाकिस्तान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है। हालिया प्रदर्शनों में महंगाई, शासन व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दों के साथ-साथ पाकिस्तान से राजनीतिक दूरी और अधिक स्वायत्तता से जुड़ी मांगों की भी चर्चा हुई है।

अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग पर प्रदर्शनकारियों का जोर

न्यूयॉर्क में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि किसी घटना में नागरिकों की मौत, गिरफ्तारी या कथित गुमशुदगी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। अब यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया गया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संयुक्त राष्ट्र या संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से किसी कार्रवाई की स्थिति अलग से स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल PoK में जारी राजनीतिक असंतोष और न्यूयॉर्क में UN मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन ने इस क्षेत्र की स्थिति को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।