इस्लामाबाद, 30 सितंबर 2026 : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े नेताओं ने पाकिस्तानी सरकार और सेना की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इलाके में उनके हस्तक्षेप का जमकर विरोध किया है। JAAC नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने एक सभा में कहा कि यदि पाकिस्तान सरकार PoK में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करती है तो इसे स्थानीय लोगों के खिलाफ बाहरी हस्तक्षेप के तौर पर देखा जाएगा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि ऐसी स्थिति में इसका विरोध किया जाएगा। बाहरी लोगों को यहां आने से रोकने की व्यवस्था की जाएगी।
पाकिस्तानी नेताओं के प्रवेश को लेकर बयान
विरोध प्रदर्शन के दौरान JAAC से जुड़े सरदार अमन खान ने भी पाकिस्तान सरकार और सेना को लेकर कड़ा बयान दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन सकते हैं कि पाकिस्तान के नेताओं को PoK में प्रवेश के लिए वीजा की जरूरत पड़ जाए। यह बयान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थानीय असंतोष के बढ़ने के बीच सामने आया है। JAAC के कई नेताओं की गिरफ्तारी और संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने की खबरें हैं।
PoK में कई महीनों से जारी विरोध
PoK में इस वर्ष जून से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। शुरुआती तौर पर महंगाई और विधानसभा में शरणार्थियों के लिए सीट आरक्षण जैसे मुद्दे प्रमुख थे। बाद में प्रदर्शनकारियों की मांगों का दायरा बढ़ता गया और पाकिस्तान सरकार तथा सेना की भूमिका भी विरोध का प्रमुख मुद्दा बन गई। हाल के प्रदर्शनों में स्थानीय अधिकारों और राजनीतिक स्वायत्तता से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। हालांकि, अलग-अलग समूहों की मांगों और उनके स्वर में अंतर देखा गया है।
न्यूयॉर्क में भी प्रदर्शन
PoK से जुड़े मुद्दों को लेकर न्यूयॉर्क में भी प्रदर्शन की खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सप्ताह के दौरान संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर कश्मीरी प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने PoK में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग रुख रहे हैं। PoK में जारी विरोध के बीच पाकिस्तान सरकार और प्रदर्शनकारी समूहों के बीच तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में बातचीत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।




