इस्लामाबाद, 2 अक्टूबर 2026 : पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन को लेकर अमेरिका की एक डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Powerus के साथ सहयोग आगे बढ़ रहा है। 16 सितंबर 2026 को Powerus और पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठान के बीच ड्रोन और अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (UAS) को लेकर एक समझौता हुआ था। कंपनी के मुताबिक पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय से UAS और संबंधित सपोर्ट के लिए शुरुआती ऑर्डर मिला है। हालांकि इसकी कीमत और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। Powerus का प्रस्तावित पाकिस्तान सहयोग इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कंपनी का जल्द Aureus Greenway Holdings के साथ मर्जर प्रस्तावित है। अमेरिकी रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प इस निवेश संरचना के जरिए कंपनी में हिस्सेदारी रखते हैं। दोनों की ओर से यह कहा गया है कि उनकी भूमिका एक passive investment तक सीमित है और कंपनी के ऑपरेशनल फैसलों या कॉन्ट्रैक्ट में उनकी भूमिका नहीं है।

पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन की तैयारी

Powerus और पाकिस्तान के बीच हुआ MoU सिर्फ खरीद तक सीमित नहीं है। कंपनी के अनुसार समझौते में unmanned और autonomous defence technologies के क्षेत्र में आगे सहयोग, स्थानीय उत्पादन और तकनीकी क्षमता विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने का ढांचा तैयार किया गया है। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि यह MoU अंतिम खरीद समझौता नहीं है। इससे किसी खरीदारी की बाध्यता नहीं बनती और प्रस्तावित कार्यक्रमों को अंतिम समझौतों, अमेरिकी कानूनों तथा संबंधित सरकारी मंजूरियों के अधीन रखा गया है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान में संभावित प्रोडक्शन साइट के तौर पर हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला का जिक्र किया गया है। हालांकि, इन तीनों साइटों को अंतिम रूप दिए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

आसिम मुनीर से हुई Powerus की मुलाकात

16 सितंबर को Powerus के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से रावलपिंडी स्थित GHQ में मुलाकात की थी।Powerus के अनुसार, बैठक में रक्षा खरीद, प्रोडक्शन, रक्षा तकनीक और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पाकिस्तान की सेना ने भी Powerus के साथ रक्षा खरीद, स्थानीय निर्माण और दीर्घकालिक सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत की पुष्टि की है।

ट्रम्प परिवार से Powerus का कनेक्शन क्या है ?

Powerus का संबंध सीधे तौर पर ट्रम्प परिवार की कंपनी के रूप में नहीं बताया गया है। कनेक्शन निवेश के जरिए है। Powerus का Aureus Greenway Holdings के साथ प्रस्तावित मर्जर है और अमेरिकी फाइलिंग के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प की निवेश संस्था American Ventures इस संयुक्त कंपनी में हिस्सेदारी रखने वाली है। रिपोर्टों के अनुसार, मर्जर पूरा होने के बाद American Ventures की हिस्सेदारी करीब 9.9% होने की उम्मीद है। कंपनी और ट्रम्प परिवार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प passive investors हैं और Powerus के ऑपरेशनल कामकाज या रक्षा कॉन्ट्रैक्ट की बातचीत में उनकी भूमिका नहीं है।

पाकिस्तान से पहले भारत में भी Powerus की एंट्री

Powerus की तकनीक से भारत भी जुड़ा हुआ है। जून 2026 में Powerus की सहायक कंपनी Tandem Defense LLC ने भारतीय डिफेंस कंपनी Paras Defence & Space Technologies के साथ एक IP लाइसेंसिंग समझौता किया। इस समझौते के तहत Paras Defence को भारत में Guardian-1 counter-drone interceptor के निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए एक्सक्लूसिव लाइसेंस मिला। समझौते की शुरुआती अवधि 12 महीने रखी गई है, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। Powerus के मुताबिक Guardian-1 एक हाई-स्पीड counter-drone interceptor है, जिसे एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन जैसे खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। यानी एक ही अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी की डिफेंस तकनीक से भारत में काउंटर-ड्रोन सिस्टम के निर्माण का समझौता हुआ है, जबकि पाकिस्तान के साथ UAS और संभावित स्थानीय उत्पादन को लेकर अलग सहयोग विकसित हो रहा है।

Operation Sindoor के बाद ड्रोन वॉरफेयर पर बढ़ा फोकस

भारत और पाकिस्तान के बीच ड्रोन तकनीक का महत्व मई 2025 के Operation Sindoor के दौरान भी सामने आया था। भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 7-8 मई 2025 की रात पाकिस्तान की ओर से उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक इन खतरों को Integrated Counter-UAS Grid और Air Defence Systems ने neutralise किया। 10 मई 2025 को भी पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, मिसाइल और अन्य लंबी दूरी के हथियारों से हमले की कोशिश का भारत ने दावा किया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय Air Defence और Counter-Drone systems ने इन हमलों को विफल किया। भारत की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Operation Sindoor के दौरान Counter-UAS, Electronic Warfare और Air Defence Weapons की कई परतों वाली व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया था। इसमें स्वदेशी Akash जैसे सिस्टम भी शामिल थे।

भारत और पाकिस्तान के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम ?

पाकिस्तान का Powerus के साथ सहयोग स्थानीय स्तर पर ड्रोन और unmanned systems की क्षमता विकसित करने की दिशा में एक संभावित कदम है। दूसरी ओर भारत में इसी कंपनी की Guardian-1 counter-drone technology के निर्माण के लिए लाइसेंसिंग समझौता हो चुका है।हालांकि दोनों समझौतों की प्रकृति अलग है। पाकिस्तान वाला समझौता UAS procurement और संभावित व्यापक सहयोग के ढांचे से जुड़ा है, जबकि भारत वाला समझौता Guardian-1 interceptor के निर्माण और commercialization के लाइसेंस से संबंधित है।