पेशावर, 15 अक्टूबर 2026 : पाकिस्तान के पेशावर में निजी स्कूल की छत गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 29 लोगों की मौत होने की खबर है, जिनमें 28 बच्चे और एक महिला शिक्षिका भी शामिल हैं। इस हादसे में 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। घायलों के इलाज के लिए अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ। अगर पहले से स्कूल प्रशासन को पता था तो फिर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। इस घटना की जवाबदेही किसकी होगी।
दीर कॉलोनी में हुआ हादसा, मलबे में दबे लोगों की तलाश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पेशावर के दीर कॉलोनी इलाके में गुरुवार को हुआ। स्कूल की छत गिरने से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में फंसे बच्चों और स्कूल कर्मचारियों को निकालने का अभियान शुरू किया। इस बीच घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्ट के अनुसार मृत बच्चों की उम्र 13 वर्ष या उससे कम बताई गई है। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान भी चलाया गया।
घायलों के इलाज के लिए अस्पताल में इमरजेंसी
हादसे के बाद घायलों के उपचार के लिए अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था की गई। ट्रॉमा वार्ड में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि घायलों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके। बचाव अभियान में राहत एजेंसियों के साथ पाकिस्तान की सेना के जवानों ने भी मदद की। घायल बच्चों और स्कूल स्टाफ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने की बात भी सामने आई है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
गवर्नर ने मांगी घटना की रिपोर्ट
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायल बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। गवर्नर ने संबंधित अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और छत गिरने के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
रिपोर्ट में पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में स्कूलों और अन्य इमारतों की छत या दीवार गिरने की पिछली घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें बच्चों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। ऐसी घटनाएं स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण की जरूरत को रेखांकित करती हैं। पेशावर हादसे में छत गिरने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या, बचाव अभियान की स्थिति और स्कूल की इमारत की सुरक्षा से जुड़े तथ्यों पर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।




