काठमांडू, 8 सितंबर 2026 : नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के करीब दो हफ्ते बाद भी Rescue Operation जारी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में राहत और बचाव टीमें उन लोगों की तलाश कर रही हैं, जो बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों और प्रभावित इलाकों में फंस गए हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, मगर 4,894 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 587 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियां बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
7 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में सर्च ऑपरेशन
बाढ़ के बाद सात हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में सुरंगों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इनमें लांगटांग, चिलिमे, अपर त्रिशूली-1, मेलुंग खोला, त्रिशूली-3A और त्रिशूली-3B समेत अन्य प्रभावित प्रोजेक्ट शामिल हैं। चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण अभियान चल रहा है। करीब 250 मीटर लंबी सुरंग में छह लोगों के फंसे होने की आशंका है। भारतीय सेना की 35 सदस्यीय टीम नेपाल सेना और स्थानीय बचाव दलों के साथ मिलकर अभियान चला रही है। रेस्क्यू टीम सुरंग के भीतर करीब 130 मीटर तक पहुंच चुकी है। इस प्रोजेक्ट में मौजूद 71 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। उधर, अधिकारियों के अनुसार अभियान पूरा होने में अभी तीन से चार दिन और लग सकते हैं।
अपर त्रिशूली-1 में 400 मीटर तक तलाशी
अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में करीब 400 मीटर अंदर तक खोज अभियान चलाया गया है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। वहीं मेलुंग खोला प्रोजेक्ट के आसपास करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। त्रिशूली-3A में सुरंग और पावर हाउस की तलाशी जारी है। त्रिशूली-3B प्रोजेक्ट में Drone और Thermal Camera की मदद से कार्यालय और आवासीय परिसरों के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
नेपाल में 1,356 लोगों की मौत
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में अब तक 1,356 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं तिब्बत में भी 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लोग लापता बताए गए हैं। बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और मलबा हटाने का काम भी जारी है।
लापता भारतीयों की पहचान के लिए DNA सैंपल
26 अगस्त को नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में आई बाढ़-भूस्खलन के बाद कुछ भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे लोगों की पहचान में मदद के लिए उनके परिजनों से DNA Samples जमा करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य बरामद होने वाले शवों की पहचान को जल्द पूरा करना है।
नेपाल ने मांगा दो करोड़ डॉलर का मुआवजा
बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बीच नेपाल ने करीब 2 करोड़ डॉलर यानी 189 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। नेपाल का कहना है कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उसका योगदान 0.1 फीसदी से कम है, मगर जलवायु परिवर्तन का असर देश पर तेजी से बढ़ रहा है। नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान की भरपाई में सहयोग की अपील की है।
नेपाल बाढ़ : मुख्य अपडेट
- 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
- 4,894 लोग अब भी लापता
- 587 विदेशी नागरिक लापता लोगों में शामिल
- नेपाल में 1,356 मौतों की जानकारी
- 7 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में सर्च ऑपरेशन
- चिलिमे टनल में 6 लोगों की तलाश
- भारतीय सेना की 35 सदस्यीय टीम रेस्क्यू में शामिल
- नेपाल ने 2 करोड़ डॉलर मुआवजे की मांग की




