तेल अवीव, 2 अक्टूबर 2026। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाइट में पायलट पर हमला करने वाला आरोपी के बारे में एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि आरोपी इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। नेतन्याहू ने कहा कि ऐसा लगता है कि पायलट विमान को गिराने की भरपूर कोशिश कर रहा था। पकड़े जाने के बाद भी वह क्रू मेंबर्स से बार-बार उसे मार देने की बात कह रहा था। इससे लगता है कि वह आत्महत्या करना चाहता था। ज्ञात हो कि इजराइल जाने वाली फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित तौर पर उनके सह-पायलट ने चाकू से हमला कर दिया था। इस घटना के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई और कुछ समय के लिए कॉकपिट में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बाद में क्रू और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया था। घटना की वजह और आरोपी की मंशा की जांच अभी जारी है।

नेतन्याहू का दावा- विमान गिराने की कोशिश हो सकती है

नेतन्याहू के अनुसार आरोपी ने पायलट पर हमला करने के बाद विमान को नियंत्रित करने की कोशिश की हो सकती है। पकड़े जाने के बाद उसके कथित व्यवहार को लेकर भी जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। इजराइली मीडिया में आरोपी के एक पूर्व सहकर्मी के हवाले से दावा किया गया है कि वह महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था और दिन में कई बार नमाज पढ़ता था।

भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला

रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया। हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने आरोपी को काबू किया। दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और इसे सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित लैंड कराया गया। घटना में कैप्टन समेत दोनों पायलट घायल हुए। कैप्टन स्मित मच्छर को लैंडिंग के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा ?

इस घटना के बाद विमान सुरक्षा से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी के पास कॉकपिट के अंदर चाकू या हमला करने वाली वस्तु कैसे पहुंची। इजराइली अधिकारियों से इस बारे में सवाल किया गया कि क्या हमले में इस्तेमाल वस्तु विमान के आपातकालीन उपकरणों का हिस्सा थी। अधिकारियों ने इस संबंध में पुष्टि नहीं की है। यह भी जांच का विषय है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में किसी स्तर पर चूक हुई या नहीं।

आरोपी ने करीब नौ महीने पहले शुरू की थी नौकरी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में नौ महीने पहले काम शुरू किया था। ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया को भी इसकी पुष्टि की है। आरोपी का नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि ओमान और इजराइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद आरोपी को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली।

इजराइल की विमान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

इजराइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले भी कुछ ओमानी पायलट तेल अवीव पहुंच चुके थे। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विदेशी एयरलाइंस के पायलटों की सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी संबंधित एयरलाइंस पर थी और इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने फ्लाईदुबई के पायलटों की अलग से बैकग्राउंड जांच नहीं की थी। हमले के बाद इजराइली परिवहन मंत्रालय और विमान सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है।

आरोपी UAE को सौंपा गया

सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया और बाद में उसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों को सौंप दिया गया। अब UAE की न्यायिक एजेंसियां यह जांच करेंगी कि कॉकपिट में हमला किन परिस्थितियों में हुआ। इस जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना भी है कि क्या आरोपी ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने या विमान को जानबूझकर गिराने की कोशिश की थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना आतंकी साजिश का हिस्सा थी या किसी अन्य कारण से हुई। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने घटना को जिहादी आतंकवादी हमला बताया है। अब इस मामले की जांच पूरी होने के बाद ही कोई ठोस कारण सामने आएगा।