न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद, 25 सितंबर 2026 : पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब हो गया है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से जब आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर पत्रकारों के सवालों का सामना करना पड़ा। UN मुख्यालय में प्रवेश करते समय एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेगा। इस पर पीएम शहबाज ने जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए। UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय भी पत्रकारों ने उनसे हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया। इस बार भी शहबाज शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट कई मीडिया संस्थानों ने की है। इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पत्रकार ने पूछा- आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?
शहबाज शरीफ के UN मुख्यालय पहुंचने के दौरान पत्रकार ने पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” रिपोर्टों के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने सवाल का जवाब देने के बजाय आगे बढ़ना जारी रखा। बाद में जब वह UN मुख्यालय से बाहर निकले तो उनसे दोबारा पूछा गया कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएगा। इस सवाल पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी।
हाफिज सईद का नाम किन मामलों में आया ?
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक है। भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भी उसका नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल है। इसके अलावा, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जून 2026 में पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़ी supplementary chargesheet में हाफिज सईद को आरोपी बनाया। NIA के मुताबिक, वह मामले में आरोपी नंबर 8 है और उस पर पाकिस्तान स्थित LeT/TRF नेटवर्क से जुड़ी बड़ी साजिश में भूमिका का आरोप है।
पहलगाम हमले की जांच में भी आया नाम
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। NIA की जांच के बाद दाखिल supplementary chargesheet में पाकिस्तान स्थित LeT/TRF से जुड़े लोगों और हाफिज सईद का नाम सामने आया है। NIA ने इस मामले में सईद को आरोपी के तौर पर नामित किया है।
2025 में शहबाज ने आतंकवाद पर क्या कहा था ?
शहबाज शरीफ ने 2025 में UN महासभा के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी अभियान का बचाव किया था। उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद से लड़ रहा है और इसकी भारी मानवीय तथा आर्थिक कीमत चुका चुका है। ऐसे में 2026 में UN मुख्यालय के बाहर हाफिज सईद और आतंकवाद को लेकर पूछे गए सीधे सवालों पर उनकी चुप्पी चर्चा का विषय बनी है।
UNHRC में भारत ने भी पाकिस्तान को घेरा
इस घटनाक्रम के बीच 23-24 सितंबर को UN Human Rights Council में भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी बयानबाजी भी हुई। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कश्मीर और अल्पसंख्यकों से जुड़े आरोपों का जवाब देते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद और अल्पसंख्यकों के मुद्दे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कश्मीरी पंडितों के 1990 के विस्थापन का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवादी नेटवर्क ने कश्मीर में लोगों को निशाना बनाया। भारत ने पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई समुदायों की स्थिति, जबरन धर्म परिवर्तन, जबरन विवाह और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव जैसे मुद्दे भी उठाए।
पीएम शहबाज ने नहीं दिया जवाब
UN मुख्यालय के बाहर शहबाज शरीफ से आतंकवाद और हाफिज सईद को लेकर पूछे गए दोनों सवालों का उन्होंने कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया। दूसरी ओर, भारत की NIA की 2026 की supplementary chargesheet में हाफिज सईद को पहलगाम आतंकी हमले की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी बनाया गया है।




