पेरिस, 8 सितंबर 2026 : फ्रांस की राजधानी पेरिस में दुनिया के मशहूर एफिल टावर को कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। यह हड़ताल एक धार्मिक संगठन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के निजी दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर कुछ स्थानों से हटाए जाने के विवाद के बाद हुई है। विवाद BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) से जुड़े करीब 100 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद शुरू हुआ। यह दल फ्रांस में एक नए मंदिर के उद्घाटन से जुड़े कार्यक्रमों के लिए पहुंचा था।

महिला कर्मचारियों को हटाने का आरोप

एफिल टावर कर्मचारी संघ के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान कुछ महिला कर्मचारियों को उनके निर्धारित कार्यक्षेत्र से हटने या दूसरी जगह जाने के लिए कहा गया। कुछ स्थानों पर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को तैनात किए जाने का दावा किया गया। कर्मचारियों ने इसे Gender Discrimination यानी लैंगिक भेदभाव से जोड़ते हुए विरोध जताया। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने काम रोककर हड़ताल शुरू कर दी।

फ्रांस में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

घटना को लेकर फ्रांस में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गेब्रियल अटाल ने कहा कि फ्रांस में महिलाओं के अधिकारों और उनकी भूमिका को किसी संस्कृति, मान्यता या व्यक्ति के आदेश से तय नहीं किया जा सकता। पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने भी घटना को अस्वीकार्य बताया। वहीं समानता मंत्री ओरोर बर्गे ने कहा कि फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने या पीछे हटने के लिए नहीं कहा जाता और गणतंत्र के कानून सर्वोपरि हैं।

एफिल टावर प्रबंधन ने मानी गलती

एफिल टावर का प्रबंधन करने वाली कंपनी SETE ने स्वीकार किया कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से महिला कर्मचारियों के साथ बातचीत सीमित रखने का अनुरोध किया गया था। कंपनी ने माना कि इस तरह की शर्त स्वीकार करना उसकी नीतियों और लैंगिक समानता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था।प्रबंधन ने कर्मचारियों से इस मामले में माफी भी मांगी है।

BAPS ने क्या सफाई दी ?

विवाद के बाद BAPS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना पक्ष रखा। संगठन ने कहा कि उसके संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं है जिसमें किसी व्यक्ति को एफिल टावर में प्रवेश से रोका गया हो।BAPS के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल बड़ा था और आम पर्यटकों को असुविधा से बचाने के लिए दौरे का समय सामान्य से पहले तय किया गया था। संगठन ने यह भी कहा कि वह सामने आई चिंताओं को गंभीरता से लेता है और इस स्थिति से किसी को ठेस या असुविधा हुई हो तो उसके लिए खेद व्यक्त करता है।

आखिर कैसे बढ़ा विवाद ?

शनिवार को BAPS से जुड़े करीब 100 लोगों का प्रतिनिधिमंडल एफिल टावर पहुंचा था। कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, दल के दौरे के दौरान कुछ महिला कर्मचारियों को कुछ निर्धारित क्षेत्रों में नहीं जाने के निर्देश दिए गए और कुछ जगहों पर पुरुष कर्मचारियों को उनकी जगह लगाया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। सोमवार को उन्होंने काम रोककर हड़ताल की, जिसके चलते एफिल टावर को पर्यटकों के लिए बंद करना पड़ा। यह पूरा मामला अब Gender Equality, धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक संस्थानों में समान व्यवहार को लेकर फ्रांस में व्यापक बहस का विषय बन गया है।