रियाद, 30 सितंबर 2026 : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में बुधवार यानी 30 सितंबर को हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद इजराइल में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। विमान से पहले इमरजेंसी कोड 7700 और इसके बाद फिर 7500 भेजा गया। मालूम हो कि एविएशन में 7500 कोड का इस्तेमाल हाईजैक की स्थिति के लिए किया जाता है। अलर्ट मिलने के बाद इजराइल ने विमान की निगरानी के लिए फाइटर जेट भेजे। हालांकि बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक विमान हाईजैक नहीं हुआ था। हालांकि रिपोर्ट्स में पायलटों के बीच विवाद और कथित हाथापाई को इमरजेंसी सिग्नल की वजह बताया गया है।
करीब 180 यात्री थे सवार
इस फ्लाइट में करीब 180 यात्री सवार थे, जिनमें 150 से अधिक इजराइली नागरिक बताए जा रहे हैं। विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बाद इसका रूट बदल गया। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान अपने निर्धारित रास्ते से हटकर सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर बढ़ा और वहां लैंडिंग की।
इजराइल ने भेजे फाइटर जेट
विमान से मिले हाईजैक अलर्ट के बाद इजराइली सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। हिब्रू मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के बीच भी मामले को लेकर आपात बातचीत हुई। इजराइली एयरफोर्स के फाइटर जेट विमान की ओर भेजे गए। इस दौरान अधिकारियों ने विमान की स्थिति और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाई।
पायलटों के बीच विवाद की बात सामने आई
विमान के ताबुक में उतरने के बाद शुरुआती जानकारी में इसे हाईजैक की घटना नहीं बताया गया। इजराइली सूत्रों के हवाले से कहा गया कि दोनों पायलटों के बीच विवाद हुआ था। CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया कि दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हाथापाई भी हुई। हालांकि, विवाद किस बात को लेकर हुआ और 7500 कोड किस परिस्थिति में भेजा गया, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मामले की जांच जारी
फ्लाइट के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने के बाद अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पायलटों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और हाईजैक कोड भेजने की पूरी परिस्थितियां क्या थीं। अब इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।




