काबुल, 1 अक्टूबर 2026 : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तानी सेना की ओर से अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में हवाई हमले किए जाने के बाद तालिबान सरकार के कार्यकारी सीमा मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। नूरी ने एक कार्यक्रम में कहा है कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान के इतिहास और वहां के लोगों को कमतर आंकने से जरूर बचना चाहिए। उन्होंने दावा किया है कि यदि तालिबान सरकार चाहे तो दो दिनों के भीतर पेशावर में अफगान झंडा फहरा सकती है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि पाकिस्तान को समझाने के बाद बार-बार गलती दोहरा रहा है और उसे इसकी सजा हर हाल में मिलकर रहेगी।
पाकिस्तानी हमलों पर तालिबान का दावा
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी विमानों ने बुधवार रात कुनार के शुल्तान जिले के चुगाम इलाके और हेलमंद के गरमसेर जिले के सफर इलाके में हमले किए। तालिबान का दावा है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत नौ अफगान नागरिकों की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए। तीन घरों के तबाह होने की भी बात कही गई है। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसके हमलों में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है और इस कार्रवाई में कम से कम 22 आतंकवादी मारे गए हैं। हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
नूरी ने पाकिस्तान को क्या चेतावनी दी ?
नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी को अफगानिस्तान के इतिहास, विचारधारा और राजनीतिक परिस्थितियों को समझने की सलाह दी। उन्होंने अफगानिस्तान में सोवियत संघ और अमेरिका के सैन्य अनुभवों का भी उल्लेख किया। नूरी ने कहा कि अफगानिस्तान अपने पड़ोसी देशों के साथ विवाद नहीं चाहता, लेकिन किसी सैन्य धमकी का जवाब देने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, पाकिस्तान को अफगानिस्तान और उसके लोगों को दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पहले भी हो चुके हैं सीमा पार हमले के आरोप
अफगान पक्ष की ओर से हाल के दिनों में पाकिस्तान पर कई इलाकों में हवाई हमले करने के आरोप लगाए गए हैं। अफगान अधिकारियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में 24 सितंबर को कंधार, पक्तिया और खोस्त तथा उससे पहले कुनार और पक्तिका में हमलों का भी उल्लेख किया गया था। इन घटनाओं को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और हमलों में मारे गए लोगों तथा निशाना बनाए गए ठिकानों को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
'मक्का समझौते' का भी उठा मुद्दा
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इससे पहले पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के जरिए अपनी घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप लगाया था। उन्होंने मक्का में हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते का भी हवाला दिया। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच अगस्त में हुए समझौते का उद्देश्य सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना बताया गया था। हालांकि, मौजूदा पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच इस समझौते की व्याख्या को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं।फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि पाकिस्तान और तालिबान के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य तनाव जारी है। नूरुल्लाह नूरी का पेशावर में दो दिन में झंडा फहराने वाला बयान एक राजनीतिक और सैन्य चेतावनी है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




