नई दिल्ली/जिनेवा, 6 जुलाई। भारत वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 6 से 8 जुलाई तक आयोजित होने वाले उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह (Intergovernmental Group of Experts) के नौवें सत्र की अध्यक्षता भारत करेगा। इस सम्मेलन का आयोजन संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संगठन (UNCTAD) द्वारा किया जा रहा है।

तीन दिनों तक चलेगा वैश्विक मंथन

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण, शिक्षाविद, नीति विशेषज्ञ तथा अन्य हितधारक भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण कानूनों को और प्रभावी बनाना तथा सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

भारत की ओर से सचिव निधि खरे करेंगी अध्यक्षता

इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता उपभोक्ता कार्य विभाग की सचिव निधि खरे करेंगी। उनके नेतृत्व में सदस्य देशों के बीच उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा, सूचना एवं जागरूकता, डिजिटल बाजारों में उपभोक्ता संरक्षण, सतत उपभोग (Sustainable Consumption) और वैश्विक बाजारों में उपभोक्ता कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा।

वैश्विक सहयोग को मिलेगा नया आयाम

अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर सहयोग एवं संवाद का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच माना जाता है। भारत की अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स और सीमा-पार उपभोक्ता सेवाओं के विस्तार के कारण उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन में भारत की सक्रिय भूमिका वैश्विक उपभोक्ता संरक्षण ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की नेतृत्वकारी छवि को भी और सशक्त करेगी।