इस्लामाबाद, 11 सितंबर 2026 : भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर पाकिस्तान में भी चर्चा तेज हो गई है। इस बीच पाकिस्तानी एक्सपर्ट शकील चौधरी ने BRICS में पाकिस्तान की संभावित सदस्यता और भारत के साथ रिश्तों को लेकर अपने देश को आत्ममंथन की सलाह दी है। पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में कमर चीमा के साथ बातचीत के दौरान शकील चौधरी ने साफ-साफ कहा कि पाकिस्तान को भारत में हो रहे BRICS सम्मेलन से परेशान होने के बजाय इससे सीखने की जरूरत है। उन्होंने भारत और चीन के रिश्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद वे अपने संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत से रिश्ते सुधारने की सलाह
BRICS में पाकिस्तान की संभावित एंट्री और भारत के रुख पर सवाल पूछे जाने पर शकील चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान को पहले भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ बातचीत में शर्तें लगाने के बजाय नई दिल्ली का भरोसा जीतने पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत के साथ लगातार टकराव से पाकिस्तान को कोई बड़ा फायदा नहीं मिला है। शकील चौधरी ने इस दौरान भारत और चीन के संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर काफी मतभेद हैं, लेकिन इसके बावजूद चीन और भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं।
'पाकिस्तान को खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए'
शकील चौधरी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव के लिए सिर्फ भारत को जिम्मेदार मानने के तर्क को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह देखना चाहिए कि उसकी अपनी नीतियों का द्विपक्षीय संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के रुख और दोनों देशों के बीच व्यापार बंद होने का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहली बार प्रधानमंत्री बनने के समय पाकिस्तान को दिए गए निमंत्रण और उनकी लाहौर यात्रा का उल्लेख किया।शकील चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है और उसे यह समझना चाहिए कि भारत के साथ लगातार टकराव की नीति से उसे क्या हासिल हुआ।
BRICS में पाकिस्तान की एंट्री पर क्या बोले ?
कार्यक्रम के दौरान जब BRICS में पाकिस्तान की संभावित सदस्यता को लेकर सवाल पूछा गया तो चौधरी ने कहा कि अगर पाकिस्तान भारत के साथ अपने संबंधों को बेहतर नहीं करता, तो वह भारत से किसी तरह के सहयोग की उम्मीद कैसे कर सकता है। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बीच हुए सीमा समझौते का उदाहरण भी दिया और कहा कि पाकिस्तान को यह देखना चाहिए कि दूसरे पड़ोसी देश भारत के साथ अपने विवादों को किस तरह बातचीत के जरिए सुलझाते हैं। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब BRICS के विस्तार और संगठन में नए देशों की संभावित भागीदारी को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा जारी है। हालांकि, BRICS में पाकिस्तान की सदस्यता को लेकर भारत की ओर से किसी कथित रोक पर इस बातचीत में कोई आधिकारिक भारतीय बयान सामने नहीं रखा गया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट की यह टिप्पणी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें BRICS की चर्चा के साथ-साथ भारत-पाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति और पाकिस्तान की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए गए हैं।




