इस्लामाबाद, 11 सितंबर 2026 : नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच पाकिस्तान की इस समूह में शामिल होने की कोशिश फिर चर्चा में है। पाकिस्तान ने वर्ष 2023 में BRICS की सदस्यता के लिए आवेदन किया था और अब वह चीन और रूस के समर्थन की उम्मीद कर रहा है। हालांकि उसकी राह में सबसे बड़ी चुनौती भारत की मंजूरी को माना जा रहा है। पाकिस्तान चाहता है कि वह दुनिया के प्रभावशाली आर्थिक समूह BRICS का हिस्सा बने। इस समूह में फिलहाल 11 देश शामिल हैं और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव लगातार बढ़ा है।

पाकिस्तान को चीन और रूस से समर्थन की उम्मीद

पाकिस्तान की कोशिश है कि BRICS की सदस्यता के लिए उसे चीन और रूस का समर्थन मिले। चीन के साथ पाकिस्तान के रणनीतिक और आर्थिक संबंध पहले से मजबूत हैं, जबकि रूस के साथ भी इस्लामाबाद अपने रिश्तों को लगातार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के लिए BRICS की सदस्यता आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। BRICS देशों में दुनिया के बड़े ऊर्जा, खाद्य और औद्योगिक बाजार शामिल हैं। पाकिस्तान को उम्मीद है कि समूह का हिस्सा बनने से उसके व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।

भारत की मंजूरी क्यों है सबसे अहम ?

BRICS में नए सदस्य को शामिल करने का फैसला आम सहमति के आधार पर होता है। यानी मौजूदा सदस्य देशों की सहमति जरूरी है। ऐसे में पाकिस्तान को केवल चीन और रूस का समर्थन मिलना पर्याप्त नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान की BRICS सदस्यता के लिए भारत की सहमति सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई है। फिलहाल भारत की ओर से पाकिस्तान की BRICS सदस्यता को लेकर मंजूरी का कोई स्पष्ट संकेत सामने नहीं आया है। यही वजह है कि पाकिस्तान की कोशिश के बावजूद उसकी सदस्यता का रास्ता आसान नहीं दिखाई दे रहा।

पाकिस्तान के लिए BRICS क्यों है महत्वपूर्ण ?

पाकिस्तान BRICS को अपने लिए आर्थिक अवसर के तौर पर देख रहा है। देश का टेक्सटाइल सेक्टर उसके प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में शामिल है और चीन उसके महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में से एक है।पाकिस्तान का तर्क हो सकता है कि उसके प्राकृतिक संसाधन, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति BRICS के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, केवल आर्थिक आधार पर सदस्यता मिलना संभव नहीं है और राजनीतिक सहमति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

क्या BRICS में शामिल हो पाएगा पाकिस्तान ?

पाकिस्तान ने 2023 में BRICS सदस्यता के लिए आवेदन किया था। अब उसकी नजर चीन और रूस के संभावित समर्थन के साथ भारत के रुख पर है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत पाकिस्तान की BRICS एंट्री को मंजूरी देगा? जब तक सभी मौजूदा सदस्य देशों की सहमति नहीं बनती, पाकिस्तान की सदस्यता की कोशिश पूरी नहीं हो सकती।