इस्लामाबाद, 30 सितंबर 2026 : भारत से अपने रिश्ते सुधारने को लेकर पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस तरह पाकिस्तान अब प्रमुख भारतीय हस्तियों के पुश्तैनी घर को संवारने का निर्णय किया है। मालूम हो कि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से पहले के इतिहास से जुड़े कई प्रमुख भारतीय हस्तियों के पुश्तैनी घर आज भी पाकिस्तान में मौजूद हैं। इनमें शहीद-ए-आजम भगत सिंह, अभिनेता दिलीप कुमार, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के घर मुख्य रूप से शामिल हैं। हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद जिला प्रशासन ने भगत सिंह के जन्मस्थान बंगा गांव में उनके पुश्तैनी घर को संवारा है और वहां उनके सम्मान में स्मारक बनाने की योजना की जानकारी भी दी है। इसके बाद पाकिस्तान में मौजूद अन्य भारतीय हस्तियों की ऐतिहासिक संपत्तियों को संरक्षित करने की जरूरत को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है।
भगत सिंह के घर को संवारा गया
शहीद भगत सिंह का जन्म 1907 में पाकिस्तान के तत्कालीन लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो अब फैसलाबाद जिले में है। उनका पुश्तैनी घर ऐतिहासिक महत्व रखता है। फैसलाबाद प्रशासन ने इस घर को संवारा है और गांव में भगत सिंह की स्मृति में स्मारक बनाने की योजना बताई है। भगत सिंह की जन्मस्थली भारत और पाकिस्तान के साझा इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जगहों में शामिल है।
मनमोहन सिंह का पुश्तैनी गांव
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 1932 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले के गाह गांव में हुआ था। उनका बचपन और शुरुआती शिक्षा इसी गांव में हुई थी। गाह गांव के जिस प्राथमिक विद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की थी, वह आज भी मौजूद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्कूल के पुराने रजिस्टर में मनमोहन सिंह का नाम और रोल नंबर सुरक्षित है। मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके पैतृक गांव में सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य भी किए गए थे।
पेशावर में दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का जन्म 1922 में पेशावर में हुआ था। उनका पुश्तैनी घर पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार के पास खुदादाद मोहल्ले में स्थित है। यह ऐतिहासिक हवेली अब जर्जर स्थिति में बताई जाती है। हाल ही में सारागढ़ी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार से दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर की मरम्मत और संरक्षण की अपील की है। कमेटी ने इसे क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताते हुए इसके संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया है।
कराची में था आडवाणी का बचपन का घर
पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का बचपन पाकिस्तान के कराची शहर में बीता था। 2005 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान वह अपने पुराने घर को देखने भी पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उनका पुराना दो मंजिला मकान अब अपने मूल स्वरूप में नहीं है। इसे बदलकर पांच मंजिला इमारत में तब्दील कर दिया गया है और वर्तमान में इसे जेजे लग्जरी अपार्टमेंट के नाम से जाना जाता है।
साझा इतिहास से जुड़ी हैं ये इमारतें
भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान लाखों लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरी तरफ जाना पड़ा था। इसके बावजूद दोनों देशों में ऐसी कई इमारतें और स्थान मौजूद हैं, जो विभाजन से पहले के साझा इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हैं। भगत सिंह के जन्मस्थान के संरक्षण की पहल के बाद दिलीप कुमार, मनमोहन सिंह और एलके आडवाणी जैसे लोगों से जुड़े ऐतिहासिक घरों के संरक्षण का मुद्दा भी चर्चा में आया है। हालांकि इन सभी संपत्तियों को पाकिस्तान सरकार द्वारा संरक्षित या पुनर्निर्मित किए जाने की कोई एक समान आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है।




