न्यूयॉर्क, 22 सितंबर 2026 : बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में मुलाकात होने वाली है। दोनों नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होगी। तारिक रहमान इस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। वह 24 सितंबर को महासभा को अपना पहला संबोधन भी देंगे। बांग्लादेश का 38 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उनके साथ है।

ब्रिक्स सम्मेलन में क्यों नहीं पहुंचे तारिक रहमान ?

तारिक रहमान को भारत की ओर से नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। भारत ने उन्हें बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया था। इसके अलावा, भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को अलग से द्विपक्षीय यात्रा का भी निमंत्रण दिया था। हालांकि, तारिक रहमान ने सितंबर में नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि निमंत्रण को लेकर ढाका की अपनी आपत्तियां थीं। साथ ही, बांग्लादेश ने यह भी कहा कि भविष्य में भारत की द्विपक्षीय यात्रा की संभावना बनी हुई है।

अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात क्यों अहम ?

शहबाज शरीफ के साथ प्रस्तावित बैठक ऐसे समय हो रही है जब बांग्लादेश अपनी विदेश नीति में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान और दूसरे देशों के साथ भी संपर्क बढ़ा रहा है। हालांकि, केवल एक द्विपक्षीय बैठक के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि ढाका ने भारत से पूरी तरह दूरी बना ली है। भारत-बांग्लादेश संबंधों में भी हाल के महीनों में बातचीत के प्रयास जारी हैं। भारतीय और बांग्लादेशी पक्षों के बीच तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर भी चर्चा की खबरें सामने आई हैं।

पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ी सक्रियता

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच हाल के समय में राजनयिक संपर्क बढ़े हैं। दोनों देशों के नेताओं और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है। इसी व्यापक कूटनीतिक गतिविधि के बीच तारिक रहमान और शहबाज शरीफ की न्यूयॉर्क बैठक पर भी नजर है। हालांकि, इस बैठक के एजेंडे की पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए इसे भारत के खिलाफ किसी नए रणनीतिक गठजोड़ के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।

भारत के लिए क्या मायने ?

भारत और बांग्लादेश के रिश्ते शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद कई मुद्दों को लेकर चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरे हैं। प्रत्यर्पण, सीमा, नदी जल और द्विपक्षीय समझौतों जैसे मुद्दे दोनों देशों के बीच चर्चा में रहे हैं। वहीं तारिक रहमान सरकार की ओर से भारत के साथ संवाद पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। नवंबर में संभावित भारत यात्रा को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत की रिपोर्ट सामने आई है। ऐसे में 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में शहबाज शरीफ और तारिक रहमान की मुलाकात को बांग्लादेश की बदलती कूटनीतिक प्राथमिकताओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होती है, इससे आगे की दिशा को समझने में मदद मिल सकती है।